कन्नूर साइबर पुलिस ने अर्जुन आयंकी के घर से फोन और लैपटॉप किया जब्त, आरोपी ने ऑनलाइन धमकी देने की बात कबूली

कन्नूर, केरल – 12 अगस्त 2026 – कन्नूर सिटी साइबर पुलिस ने आज कप्पाकदावु, अझिकोड स्थित अर्जुन आयंकी के घर से एक फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है। आरोपी इस समय पुलिस हिरासत में है। जूता रखने वाले रैक (shoe rack) में छिपाकर रखा गया यह फोन कथित तौर पर आयंकी द्वारा ऑनलाइन धमकी और विवादित संदेश पोस्ट करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। अदालत से बाहर आते समय आयंकी ने कहा कि "मैंने सब कुछ खुद किया" और जांचकर्ताओं को बताया कि उसने एर्नाकुलम और कन्नूर के बीच यात्रा के दौरान सार्वजनिक नेटवर्क सहित विभिन्न Wi-Fi नेटवर्क का उपयोग करके व्यक्तिगत रूप से सामग्री पोस्ट की थी। पुलिस जब्त किए गए उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
अदालत का फैसला और घर की तलाशी
यह जब्ती थालास्सेरी चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट के 11 अगस्त 2026 के उस फैसले के बाद हुई है जिसमें अदालत ने विस्तृत पूछताछ के लिए कन्नूर सिटी साइबर पुलिस को आयंकी की तीन दिन की हिरासत दी थी, हालांकि पुलिस ने पांच दिन की मांग की थी। मजिस्ट्रेट बी. करुणाकरण की अध्यक्षता में हुई अदालत की सुनवाई के दौरान, बचाव पक्ष के वकील एम.के. हसन ने रिमांड रिपोर्ट में जब्त किए गए मोबाइल फोन के मेक (make) का जिक्र न होने पर सवाल उठाया और सुझाव दिया कि यह सबूत गढ़ने का प्रयास हो सकता है। हालांकि, जांच अधिकारी एस.वी. मिथुन ने अदालत में फोन बरामदगी की पुष्टि की, और राज्य का प्रतिनिधित्व अभियोजन पक्ष के उप निदेशक के. श्रीजा ने किया। इंस्पेक्टर ए. अनूप के नेतृत्व में हुई घर की तलाशी के दौरान आयंकी की मां और भाई अजय आयंकी (जिन्हें पहले अर्जुन के कानूनी खर्चों के लिए कथित क्राउडफंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था) के बयान भी दर्ज किए गए।
अन्य मामले और कानूनी कार्रवाई
आयंकी पर ऑनलाइन धमकी, अपमानजनक पोस्ट और सोने की तस्करी से कथित संबंधों सहित कई मामले दर्ज हैं। एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस एर्नाकुलम में आयंकी के खिलाफ तीन मामलों में से एक में दी गई जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए जमानत रद्द करने की मांग करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, आयंकी के खिलाफ केरल असामाजिक गतिविधि रोकथाम अधिनियम (KAAPA) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिससे उसे छह महीने तक की निवारक हिरासत (preventive detention) में रखा जा सकता है। गृह मंत्री रमेश चेनीथला, जिन्हें आयंकी की सोशल मीडिया पोस्ट द्वारा कथित तौर पर निशाना बनाया गया था, ने दृढ़ता से दोहराया है कि केरल में "गुंडा गतिविधियों" को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।