दिल्ली के सागरपुर स्थित अंसारी अस्पताल पर फर्जी और भारी-भरकम मेडिकल बिल का मामला दर्ज

दिल्ली के सागरपुर स्थित अंसारी अस्पताल के खिलाफ फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर मेडिकल बिल बनाने के मामले में विजिलेंस पुलिस स्टेशन में एक केस दर्ज किया गया है। यह पूरी जांच हेड कांस्टेबल कैलाश चंद मीणा की शिकायत के आधार पर शुरू हुई है, जो उनकी पत्नी मंजू के इलाज से जुड़ी है। शिकायत के अनुसार, अस्पताल ने कुल 4,96,678 रुपये का बिल जारी किया था। बिल के दस्तावेजों में दावा किया गया था कि मरीज 2 दिसंबर 2025 से 14 दिसंबर 2025 तक भर्ती रही, जबकि आधिकारिक डिस्चार्ज समरी के मुताबिक उसे 3 दिसंबर 2025 को ही छुट्टी दे दी गई थी।
रणजीत नगर पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कांस्टेबल मीणा ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने पैसे बढ़ाने के लिए इलाज की अवधि को कृत्रिम रूप से बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। यह कानूनी कार्रवाई सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के एसीपी (मुख्यालय) धर्मपाल सिंह द्वारा विजिलेंस के डीसीपी को 1 सितंबर को भेजे गए शुरुआती शिकायत पत्र के बाद शुरू हुई। इस मामले और इसी अस्पताल से जुड़े एक अन्य मेडिकल बिल की जांच के बाद, विजिलेंस पुलिस ने संस्थान के खिलाफ मामला दर्ज करने का फैसला किया। इस मामले से जुड़े अपडेट्स की पुष्टि 28 सितंबर 2026 को की गई।