अंकिता भंडारी केस: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के खिलाफ इंडिया गेट पर प्रदर्शन, राहुल गांधी पहुंच रहे हैं

अपनी बेटी के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता, वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी, एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। दिल्ली के इंडिया गेट पर यह जोड़ा अपनी बेटी की हत्या के मामले में कथित तौर पर शामिल 'वीआईपी' के तौर पर पहचाने जा रहे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उनके साथ रेप विरोधी कार्यकर्ता योगिता भायना भी मौजूद हैं। मौके पर दिल्ली पुलिस के जवान प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पीड़ित परिवार अपनी मांग पर अड़ा हुआ है।
नियुक्ति को बताया सीबीआई जांच से बचाने की साजिश
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया। प्रदर्शनकारियों का गंभीर आरोप है कि गौतम वही व्यक्ति हैं जिन्हें अंकिता भंडारी मर्डर केस में 'वीआईपी' बताया गया था। उनका दावा है कि संवैधानिक पद पर नियुक्ति के जरिए उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं से छूट दिलाने और सीबीआई (CBI) की चल रही जांच से बचाने की कोशिश की जा रही है। अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति से गुहार लगाई है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इस नियुक्ति को तुरंत रद्द किया जाए।
इस मामले ने अब बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस पीड़ित परिवार से मिलने के लिए इंडिया गेट की ओर रवाना हो चुके हैं। वहीं, उत्तराखंड में भी इस फैसले के खिलाफ गुस्सा है। 13 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोडियाल के नेतृत्व में देहरादून में मौन व्रत रखा गया। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने भी इस नियुक्ति पर कड़ा ऐतराज जताया है और इसे न्याय की राह में बाधा बताया है।
अंकिता के पिता ने जनता से इस मुहिम में साथ देने की अपील की है, जबकि विभिन्न सामाजिक संगठनों की मांग है कि जांच एजेंसियों को इस केस में शामिल 'वीआईपी' की पहचान पूरी तरह से सार्वजनिक करनी चाहिए।