नई दिल्ली में Anjana Welfare Society ने आयोजित किया भारत बोध कार्यक्रम, आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर चर्चा

Anjana Welfare Society (AWS) ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में 'भारत बोध - रीइमेजिनेशन एजुकेशन थ्रू इंडियाज नॉलेज ट्रेडिंस' शीर्षक से एक कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के ढांचे के बीच की खाई को पाटने पर केंद्रित था। इस कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना।
- NEP 2020 के तहत पारंपरिक शिक्षा का एकीकरण।
- युवाओं को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना।
केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम को किया संबोधित
Union Minister Prof SP Singh Baghel ने सभा को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि NEP 2020 पारंपरिक शिक्षा को समकालीन शिक्षा में एकीकृत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत की ऐतिहासिक शिक्षा प्रणाली में दर्शन, कला, साहित्य, संगीत, योग और जीवन मूल्य व्यापक रूप से शामिल थे। इस ANI News रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम में कई प्रमुख वक्ता और उपस्थित लोग शामिल हुए।
प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति
इस आयोजन में Union Minister KG Suresh, प्रसिद्ध कथक कलाकार नलिनी और कमलिनी, अभिषेक सक्सेना, नीलम सक्सेना, Prof Kishore Kumar, Prof Ajay Kumar और राजधानी कॉलेज के प्रिंसिपल सौरभ परिजात शामिल हुए। इस ANI Category लिंक के अनुसार कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज मौजूद रहे।
AWS संस्थापक ने साझा किए विचार
AWS Founder और कथक कलाकार Maya Kulshrestha ने 'भारत बोध' को एक चल रही पहल के रूप में वर्णित किया जिसे युवाओं को देश की सांस्कृतिक जड़ों, दार्शनिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान संरचनाओं से फिर से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कार्यक्रम में शिक्षकों, कलाकारों, विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों और छात्रों सहित विभिन्न प्रकार के स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय भागीदारी देखी गई।