आनंद विहार में दिवाली-छठ की भारी भीड़, प्लेटफॉर्म टिकट बंद और ट्रैफिक के कड़े इंतजाम
दिवाली और छठ पूजा के चलते आनंद विहार पर उमड़ी भीड़। रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट बंद किए और ट्रैफिक पुलिस ने तैनात किए अतिरिक्त जवान।

दिवाली और छठ पूजा के मौके पर घर जाने वालों की भारी भीड़ के कारण दिल्ली का आनंद विहार इलाका इस समय काफी तनावपूर्ण स्थिति में है। आनंद विहार भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े हैं, क्योंकि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन दोनों ही जगह यात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। भीड़ इतनी ज्यादा है कि बसों के लिए प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं बची है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड रोडवेज की बसों को पार्किंग स्टैंड से ही संचालित किया जा रहा है।
रेलवे ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन, गाजियाबाद और आनंद विहार सहित छह प्रमुख स्टेशनों पर 3 नवंबर से 14 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री बंद कर दी गई है। हालांकि, बुजुर्गों, बीमारों और दिव्यांगों की मदद करने वालों को इसमें छूट दी गई है। इसके साथ ही, 5 नवंबर से 15 नवंबर के बीच पार्सल बुकिंग और आवाजाही पर भी कई स्टेशनों पर पाबंदी लगाई गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष बसें और ट्रेनें
भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने अपनी कमर कसी है। आनंद विहार से रोजाना करीब 1,400 बसें चलाई जा रही हैं, जिनमें 5 नवंबर से 400 से 500 अतिरिक्त बसें और जोड़ दी गई हैं। कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाने के लिए ड्राइवरों और कंडक्टरों को विशेष इंसेंटिव भी दिए जा रहे हैं। वहीं, रेलवे ने उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, जिनमें आनंद विहार-छपरा और नई दिल्ली-गोरखपुर रूट प्रमुख हैं।
सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है। 6 से 15 नवंबर तक आनंद विहार क्षेत्र में करीब 172 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू रहे। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल जरूरत पड़ने पर ही स्टेशन या बस स्टैंड जाएं, क्योंकि प्रदूषण संबंधी प्रतिबंधों और भारी भीड़ के कारण यात्रा समय में बढ़ोतरी हो सकती है।