पर्सनैलिटी राइट्स केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने अमिताभ बच्चन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया

मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन को अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) से जुड़े कानूनी मामले में एक बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि यदि मामले में सभी प्रतिवादियों के साथ समझौता नहीं हो पाता है, तो अभिनेता को अगली सुनवाई पर खुद कोर्ट में पेश होना होगा। जस्टिस पुरुशैंद्र कुमार कौरव ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को यह निर्देश जारी किए।
यह पूरा मामला साल 2022 से चल रहा है, जब अमिताभ बच्चन ने अपनी छवि, नाम, आवाज और अन्य व्यक्तित्व विशेषताओं के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने एक स्थायी निषेधाज्ञा (permanent injunction) की मांग की थी ताकि कोई भी उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल न कर सके। कोर्ट ने 25 नवंबर 2022 को उनके पक्ष में अंतरिम आदेश दिया था, जिसके बाद मामला मध्यस्थता (mediation) के दौर में चला गया।
समझौते में देरी और कोर्ट की सख्ती
अदालत को सूचित किया गया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ आपसी सहमति बन गई है, लेकिन अभिनेता की ओर से कुछ लॉजिस्टिक कारणों की वजह से इन समझौतों को औपचारिक रूप देने में देरी हुई है। इसी वजह से कोर्ट ने अब सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस कौरव ने स्पष्ट किया कि यदि बाकी बचे प्रतिवादियों के साथ मामला नहीं सुलझता है, तो सिविल प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत अमिताभ बच्चन की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होगी।
सुनवाई के दौरान अमिताभ बच्चन की ओर से वकील ध्रुव आनंद, धनंजय खन्ना और भाव्य वर्मा मौजूद थे। कोर्ट ने अब अगली सुनवाई के लिए 16 नवंबर 2026 की तारीख तय की है, ताकि समझौते की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।