यमुना सफाई के लिए जुटे 35 हजार दिल्लीवाले, अमित शाह 22 अक्टूबर को करेंगे 8,941 करोड़ की परियोजनाओं का आगाज

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
यमुना सफाई के लिए जुटे 35 हजार दिल्लीवाले, अमित शाह 22 अक्टूबर को करेंगे 8,941 करोड़ की परियोजनाओं का आगाज

राजधानी दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी को स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़ा जन-अभियान चलाया गया है। 'चलो यमुना' कैंपेन के तहत 18 अक्टूबर की सुबह दिल्ली के करीब 35,000 लोग सड़कों और घाटों पर उतरे, जिन्होंने मिलकर नदी के 70 अलग-अलग स्थानों की सफाई की। इस महा-अभियान का असर यह हुआ कि महज एक सुबह में नदी तटों से करीब 76,755 किलोग्राम कचरा हटाया गया।

जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इस अभियान की सफलता की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस मुहिम में आम नागरिकों, आरडब्ल्यूए सदस्यों, दिल्ली यूनिवर्सिटी के 25 से अधिक कॉलेजों के छात्रों और एनजीओ वॉलंटियर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सफाई के लिए 26 जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉली, नावों और वीड हार्वेस्टर्स जैसी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें पीडब्ल्यूडी, एमसीडी और दिल्ली पुलिस समेत 10 से ज्यादा विभागों ने समन्वय किया। सबसे ज्यादा कचरा उस्मानपुर गांव और सोनिया विहार इलाकों से निकाला गया।

करोड़ों के प्रोजेक्ट्स से सुधरेगी दिल्ली की जल व्यवस्था

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यमुना की सफाई के साथ-साथ अब दिल्ली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 43 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 8,941.22 करोड़ रुपये है।

इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • ओखला में नया एसटीपी: 1,161 करोड़ रुपये की लागत से 124 MGD का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा।
  • एसटीपी अपग्रेडेशन: 1,041 करोड़ रुपये से 8 पुराने प्लांटों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे करीब 78.5 लाख लोगों को फायदा होगा।
  • अनधिकृत कॉलोनियों में सुधार: 3,113.67 करोड़ रुपये की लागत से 29 विकेंद्रीकृत एसटीपी और पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों के करीब 36 लाख निवासी लाभान्वित होंगे।
  • सीवर नेटवर्क और वाटर प्लांट: 1,691 करोड़ रुपये का नया सीवर नेटवर्क बिछाया जाएगा और चंद्रावल में 298.3 करोड़ रुपये की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा, जो 1935 और 1955 के पुराने प्लांटों की जगह लेगा।

मंत्री परवेश सिंह ने जोर देकर कहा कि केवल किनारों की सफाई काफी नहीं है, बल्कि असली चुनौती यमुना में गिरने वाले सीवेज को रोकना है। इसी सिलसिले में उन्होंने 'बर्थडे विद यमुना' नाम की एक अनोखी पहल भी शुरू की है, जिसके तहत लोग नदी किनारे झोपड़ियां बनाकर अपना जन्मदिन मना सकेंगे। उन्होंने बताया कि वह स्वयं 7 नवंबर को अपना जन्मदिन यमुना के तट पर मनाएंगे और दिल्लीवासियों से इस जन-आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की है।

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