यमुना को साफ करने के लिए अमित शाह ने शुरू किए 8,941 करोड़ के प्रोजेक्ट, 2029 तक लक्ष्य
गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना को साफ करने के लिए 8,941 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की। लक्ष्य 2029 तक नदी का पूर्ण पुनरुद्धार है।

दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के 43 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। करीब 8,941.22 करोड़ रुपये की लागत वाली इस यमुना सफाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य मई 2029 तक नदी का पूरी तरह से पुनरुद्धार करना है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के शासन में बिना उपचार के सीवर के पानी को नदी में बहने दिया गया, जिससे प्रदूषण का संकट बढ़ा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान प्रशासन इस बार यमुना की स्वच्छता सुनिश्चित करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव और नए STP
नदी को साफ करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इस योजना के तहत ओखला में 124 MGD का एक नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाया जाएगा। इसके अलावा, आठ मौजूदा STPs की क्षमता को 78.2 MGD से बढ़ाकर 140.8 MGD किया जाएगा। बाहरी दिल्ली के इलाकों में 29 विकेंद्रीकृत STP और सीवेज पंपिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
परियोजना की अन्य मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- 1,034 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
- चंद्रवल में 477 MLD का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।
- DPCC की रिपोर्ट के बाद उठाए गए कदम, जिसमें पुराने STPs के मानकों में कमी पाई गई थी।
इस मौके पर दिल्ली के जल मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने 'बर्थडे विद यमुना' नामक एक जन जागरूकता अभियान की भी शुरुआत की, ताकि लोग नदी के साथ अपना जुड़ाव बढ़ा सकें।
हालांकि, यह कदम राजनीतिक विवादों के बीच आया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा है कि सरकार 2029 की समय सीमा को पूरा करने के प्रति आश्वस्त है। यह लक्ष्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए बहु-राज्य समझौतों के अनुरूप है।