'महज 1218 दिनों में सरदार पटेल ने गढ़ा अखंड भारत', राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोले अमित शाह

राष्ट्रीय एकता दिवस पर अमित शाह ने सरदार पटेल के योगदान को याद किया और बताया कि कैसे उन्होंने महज 1218 दिनों में अखंड भारत का निर्माण किया।

Kittu Kumari31 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
'महज 1218 दिनों में सरदार पटेल ने गढ़ा अखंड भारत', राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोले अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीच श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरदार पटेल के उस ऐतिहासिक योगदान को याद किया, जिसके दम पर भारत का राजनीतिक एकीकरण संभव हो सका। अमित शाह ने जोर देकर कहा कि आज हम जिस अखंड भारत को देखते हैं, उसकी नींव सरदार पटेल ने रखी थी।

गृह मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के समय दुनिया भर के विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की थी कि भारत बिखर जाएगा। लेकिन सरदार पटेल ने वह कर दिखाया जिसे नामुमकिन माना जा रहा था। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद महज 1218 दिनों के भीतर सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरो दिया। यह एक ऐसा असाधारण कार्य था जिसे शायद कई नेताओं की पूरी पीढ़ी भी नहीं कर पाती, लेकिन सरदार पटेल ने इसे बेहद कम समय में पूरा कर भारत का नक्शा तैयार किया।

अखंड भारत के शिल्पकार थे सरदार पटेल

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अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से सरदार पटेल की जयंती को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने केवल रियासतों का विलय नहीं किया, बल्कि भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमाओं को एक नई पहचान दी। उन्होंने अलग-अलग रियासतों को एक माला के मोतियों की तरह पिरोकर देश की क्षेत्रीय अखंडता को सुनिश्चित किया।

इस मौके पर अमित शाह ने 'रन फॉर यूनिटी' दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी सरदार पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुजरात के एकता नगर में स्थित 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के पास वैली ऑफ फ्लावर्स का दौरा किया। वहां उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपध्याय की कृति 'आनंद मठ' पर आधारित एक नाटक देखा। यह वैली ऑफ फ्लावर्स जैव विविधता और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विकसित की गई है, जिसमें 112 प्रजातियों के करीब 14 लाख पौधे लगाए गए हैं।

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