गायत्री मंत्र है पूर्ण परिवर्तन का मार्ग, इससे लाभ उठा रहे हैं युवा: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गायत्री मंत्र की शक्ति और इसके वैज्ञानिक प्रभाव पर चर्चा करते हुए युवाओं को इससे जुड़ने का संदेश दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित 'शताब्दी समारोह 2026' के दौरान गायत्री मंत्र की अपार शक्ति और इसके प्रभाव पर जोर दिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र केवल एक धार्मिक या आध्यात्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह इंसान के पूर्ण परिवर्तन का मार्ग है। शाह ने साझा किया कि आज की युवा पीढ़ी भी इस मंत्र के सकारात्मक प्रभाव से लाभान्वित हो रही है, जिससे उनकी सोचने की क्षमता, साहस और याददाश्त में बढ़ोतरी हुई है।
यह विशेष आयोजन परम वंदनीय माताजी के जन्म और अखंड ज्योति के प्रकटीकरण के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया था। इस मौके पर गृह मंत्री ने कहा कि यह समय विश्वास, सेवा और संकल्प का है। उन्होंने महर्षि अरबिंदो और स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत बनाने के संकल्प को दोहराया। शाह ने बताया कि इस वर्ष भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक यात्रा के लिए पूर्णता का वर्ष है, क्योंकि इसमें माताजी के जन्म, अखंड ज्योति और पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के 100 वर्ष एक साथ मिल रहे हैं।
मंत्र के 24 अक्षरों का वैज्ञानिक प्रभाव
अमित शाह ने गायत्री मंत्र के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पहलू पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस मंत्र के 24 अक्षर हमारे शरीर के 24 शुभ केंद्रों (नोड्स) से सीधे जुड़े हुए हैं। गृह मंत्री के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपने गुरु से सही उच्चारण सीखकर इस मंत्र का जाप करता है, तो शरीर के भीतर की अशुभ शक्तियां दब जाती हैं और शुभ शक्तियों का उदय होता है।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि ये 24 शक्तियां व्यक्ति के भीतर साहस, संयम, विवेक, बुद्धि, सेवा, प्रेम और एकाग्रता जैसे गुणों को विकसित करती हैं। शाह ने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को 'आध्यात्मिक डॉक्टर' बताते हुए कहा कि जब मंत्र का उच्चारण नाभि से मुख तक सही तरीके से होता है, तो आंतरिक स्राव (secretions) के जरिए ये शुभ शक्तियां सक्रिय होती हैं, जो अंततः व्यक्ति के लिए मोक्ष का मार्ग खोलती हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 'दीप महायज्ञ' का जिक्र करते हुए कहा कि जलता हुआ हर दीपक समाज, आध्यात्मिकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस समारोह में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके और गायत्री परिवार के दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।