अमित शाह दिल्ली में करेंगे 8,941 करोड़ के 43 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का आगाज़

देश की राजधानी दिल्ली की सूरत बदलने और यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली प्रोजेक्ट्स के तहत 22 अक्टूबर 2026 को शहर में सीवेज प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े 43 बड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। दिल्ली के जल मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने बताया कि इन सभी कार्यों पर कुल 8,941.22 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इस पूरी योजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। इनमें से 10 प्रोजेक्ट्स, जिनकी लागत 2,827.11 करोड़ रुपये है, का उद्घाटन किया जाएगा। वहीं, बाकी 33 प्रोजेक्ट्स, जिनकी कुल कीमत 6,114.11 करोड़ रुपये है, की आधारशिला रखी जाएगी। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के सीवेज सिस्टम को दुरुस्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि शहर का गंदा पानी सीधे यमुना में न गिरे।
यमुना की सफाई और सीवेज सिस्टम पर बड़ा दांव
इस महायोजना में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता को राहत देंगे:
- ओखला में नया STP: 1,161 करोड़ रुपये की लागत से 124 MGD क्षमता वाला नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाया जाएगा।
- पुराने प्लांट्स का अपग्रेड: 1,041 करोड़ रुपये खर्च कर 8 मौजूदा STPs की क्षमता 78.2 MGD से बढ़ाकर 140.8 MGD की जाएगी, जिससे करीब 78.5 लाख लोगों को फायदा होगा।
- बाहरी दिल्ली पर फोकस: बाहरी दिल्ली की 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों के 36.29 लाख निवासियों के लिए 3,113.67 करोड़ रुपये की लागत से 29 डिसेंट्रलाइज्ड STP और पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
- सीवर नेटवर्क का विस्तार: 1,691 करोड़ रुपये की लागत से 1,034 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिससे 25.82 लाख लोगों को सुविधा मिलेगी।
- चंद्रवल वाटर प्लांट: 298.3 करोड़ रुपये की लागत से 477 MLD का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा, जिससे 22 लाख नागरिकों को साफ पानी मिलेगा।
मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने भरोसा जताया है कि अगले ढाई साल के भीतर दिल्ली का कोई भी अनुपचारित गंदा पानी यमुना में नहीं जाएगा। बता दें कि हाल ही में 18 अक्टूबर को 'चलो यमुना' अभियान चलाया गया था, जिसमें 35,000 लोगों ने हिस्सा लेकर 70 जगहों से करीब 76,755 किलो कचरा साफ किया था। इसके साथ ही नदी संरक्षण के लिए 'बर्थडे विद यमुना' जैसी नई पहल भी शुरू की गई है ताकि लोग नदी के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें।