चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस पर अमित शाह ने सौंपा 'प्रेसिडेंट्स कलर', आतंकवाद के खिलाफ भूमिका की सराहना
गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस पर प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया और आतंकवाद के खिलाफ उनकी भूमिका की सराहना की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस और डायमंड जुबली के अवसर पर पुलिस लाइन्स में आयोजित एक विशेष समारोह में हिस्सा लिया। इस गौरवशाली मौके पर उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को 'प्रेसिडेंट्स कलर' प्रदान किया। गृह मंत्री ने इस सम्मान के जरिए पुलिस बल द्वारा आतंकवाद का मुकाबला करने और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में दिए गए उनके अतुलनीय योगदान को सराहा।
समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने उन चुनौतीपूर्ण दिनों को याद किया जब आतंकवाद का साया पूरे इलाके पर था। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ शिवालिक की पहाड़ियों की तलहटी में बसा एक नियोजित शहर है, लेकिन आतंकवाद के दौर में यह शहर भी इससे अछूता नहीं रहा। शाह ने जोर देकर कहा कि उन कठिन परिस्थितियों में चंडीगढ़ पुलिस ने जिस साहस का परिचय दिया, उसने न केवल इस शहर को सुरक्षित रखा, बल्कि पूरे देश को आतंकवाद के खतरों से बचाने में मदद की।
ट्राई-सिटी सुरक्षा और प्रशासनिक महत्व
गृह मंत्री ने चंडीगढ़ के प्रशासनिक महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि 1 नवंबर 1966 से यह शहर एक केंद्र शासित प्रदेश होने के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और संवैधानिक संस्थान यहीं स्थित हैं, जिससे इसकी सुरक्षा जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब पुलिस और हरियाणा पुलिस के बीच के तालमेल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्राई-सिटी क्षेत्र के प्रबंधन में इन तीनों बलों ने बेहतरीन समन्वय दिखाया है। गृह मंत्री ने बताया कि क्राइम विंग, ऑपरेशंस सेल, सिक्योरिटी विंग, ट्रैफिक पुलिस और पीसीआर पुलिस सहित 6,000 से अधिक कर्मियों वाले इस बल ने अपने कर्तव्यों का पालन बेहद कुशलता से किया है और देश भर के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया है।
इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए अमित शाह ने लिखा कि चंडीगढ़ पुलिस समर्पण, अनुशासन और जनसेवा के 60 साल पूरे कर रही है और डायमंड जुबली पर उन्हें 'प्रेसिडेंट्स कलर' से सम्मानित किया जाना एक गर्व का क्षण है।