RHFL मनी लॉन्ड्रिंग केस: कोर्ट ने अमित बापना की जमानत याचिका खारिज की, ED ने लगाया करोड़ों के घोटाले का आरोप

Kittu Kumari20 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
RHFL मनी लॉन्ड्रिंग केस: कोर्ट ने अमित बापना की जमानत याचिका खारिज की, ED ने लगाया करोड़ों के घोटाले का आरोप

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी अमित बापना की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। स्पेशल सीबीआई जज विशाल पाहुजा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया कि इस स्तर पर आरोपी को जमानत देने के पर्याप्त आधार नहीं मिलते हैं।

अमित बापना को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अप्रैल 2026 में गिरफ्तार किया था। इस मामले में ED ने अमित बापना के साथ अमिताभ झुनझुनवाला और 53 अन्य लोगों व फर्मों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। हालांकि, अमिताभ झुनझुनवाला को दिल्ली हाई कोर्ट ने मेडिकल आधार पर पहले ही जमानत दे दी थी।

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अदालत में सुनवाई के दौरान ED की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने पुरजोर विरोध जताया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि अमित बापना रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (R-CAP) के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) थे और RHFL के डायरेक्टर व CFO भी रहे। ED का दावा है कि बापना ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर शेल कंपनियों को भारी भरकम कर्ज दिए।

  • 6,000 करोड़ का खेल: ED के मुताबिक, बापना ने 72 क्रेडिट अप्रेजल मेमो (CAMs) पर हस्ताक्षर किए, जिससे शेल संस्थाओं को 6,000 करोड़ रुपये के लोन दिए गए, जो बाद में NPA घोषित हो गए।
  • 6,500 करोड़ की अनधिकृत मंजूरी: आरोप है कि RCFL में डायरेक्टर या क्रेडिट कमेटी का हिस्सा न होने के बावजूद, उन्होंने अनधिकृत तरीके से 6,500 करोड़ रुपये से अधिक के कॉर्पोरेट लोन मंजूर किए।
  • अर्थव्यवस्था पर असर: जांच एजेंसी ने तर्क दिया कि यह अपराध लगभग 15,548 करोड़ रुपये की अपराध की कमाई (proceeds of crime) से जुड़ा है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है।

दूसरी ओर, अमित बापना के वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि उनका क्लाइंट केवल एक कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था और वह मुख्य आरोपी अमिताभ झुनझुनवाला के निर्देशों का पालन कर रहा था। बचाव पक्ष ने दावा किया कि बापना ने इस घोटाले से कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं कमाया और न ही उन्होंने पैसों की लेयरिंग में कोई भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि सभी लेनदेन निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किए गए थे और इसमें कोई धोखाधड़ी नहीं थी।

इन तमाम दलीलों के बावजूद, कोर्ट ने मामले की गंभीरता और सार्वजनिक धन के भारी नुकसान को देखते हुए अमित बापना की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।

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