नस्लीय टिप्पणी मामला: कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन 5 दिन की पुलिस कस्टडी में
कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन को कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा। त्रिपुरा के युवक के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी के मामले में हुई कार्रवाई।

सोशल मीडिया पर मशहूर कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। त्रिपुरा के एक युवक के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी (Racial Abuse) करने वाले एक वायरल वीडियो के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने आमिर शोकीन को पांच दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। एडिशनल सेशन जज शिल्पी जैन ने यह फैसला सुनाया, जिसके बाद अब पुलिस उनसे गहन पूछताछ करेगी।
यह पूरा मामला एक विवादित वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें एक त्रिपुरा निवासी युवक के साथ नस्लीय शब्दों का इस्तेमाल कर उसका अपमान किया गया था। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट और नॉर्थ ईस्टर्न रीजन के लिए विशेष पुलिस यूनिट (SPUNER) इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने आमिर शोकीन को गुरुवार, 22 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।
अहमदाबाद ले जाएगी पुलिस, अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस के मुताबिक, यह वीडियो करीब डेढ़ महीने पहले अहमदाबाद में रिकॉर्ड किया गया था। जांच एजेंसी का मानना है कि इस घटना में आमिर शोकीन के अलावा सात से आठ अन्य लोग भी शामिल थे। अब पुलिस आमिर शोकीन को अहमदाबाद ले जाएगी ताकि उन अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सके और उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
इस मामले में सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (192, 196, 352 और 353) के तहत केस दर्ज किया गया है। हालांकि आमिर शोकीन ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और खबरें हैं कि पीड़ित ने उन्हें माफ कर दिया है, लेकिन पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए त्रिपुरा पुलिस की एक टीम, जिसका नेतृत्व डीएसपी स्तर का अधिकारी कर रहे हैं, दिल्ली पहुंची है। त्रिपुरा के डीजीपी जी.एस. राव ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री माणिक साहा के निर्देशों पर इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस वीडियो की कड़ी निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली (TSFD) ने भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखा जाए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।