अंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली में बवाल: कैंपस क्लैश के बाद 10 छात्र सस्पेंड

दिल्ली की अंबेडकर यूनिवर्सिटी (AUD) में तनाव बढ़ता जा रहा है। मंगलवार शाम कश्मीरी गेट कैंपस में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। बुधवार को यूनिवर्सिटी ने 10 छात्रों के निलंबन (सस्पेंशन) का ऐलान कर दिया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 28 सितंबर से छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
निलंबित किए गए छात्रों की सूची में कश्मीरी गेट और लोधी रोड कैंपस के पूर्व और वर्तमान छात्र परिषद प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें करमपुरा कैंपस के छात्र परिषद के कोषाध्यक्ष विवेक मिश्रा और दो प्रथम वर्ष के छात्र भी शामिल हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से प्रोफेसर सत्यकेतु संस्कृत ने इन आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला प्रॉक्टोरियल बोर्ड की शुरुआती रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच के बाद लिया गया है।
अनुशासनहीनता और तोड़फोड़ के लगे आरोप
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस में अनुशासनहीनता दिखाई, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और स्टाफ के साथ बदसलूकी की। प्रशासन के मुताबिक, जब अधिकारी बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे, तब छात्रों ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई की। हालांकि, सस्पेंड किए गए छात्रों को इस सेमेस्टर की परीक्षाओं और असेसमेंट में बैठने की अनुमति दी गई है, लेकिन उन्हें कैंपस में प्रवेश की मनाही है।
दूसरी ओर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और प्रदर्शनकारी छात्रों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी 'कारण बताओ नोटिस' के सीधे निलंबन का आदेश दे दिया। उनका दावा है कि सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और पुलिस की मदद से उनके विरोध प्रदर्शन के सामान को हटाया गया। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि 13 अक्टूबर को एक डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग के दौरान यूनिवर्सिटी ने जानबूझकर बिजली काट दी थी।
बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन अब 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। छात्रों की मुख्य मांगों में 31 जुलाई के उन सर्कुलरों को वापस लेना शामिल है, जिनमें प्रदर्शन के लिए अनुमति और पीएचडी स्कॉलर्स के लिए अनिवार्य उपस्थिति की बात कही गई थी। इसके अलावा, छात्र कैंपस से बैरिकेड्स हटाने, फीस माफी बहाल करने, फैकल्टी भर्ती पूरी करने और कैंपस एक्सेस को आसान बनाने की मांग कर रहे हैं। भारी पुलिस तैनाती के बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है।