अंबेडकर यूनिवर्सिटी में तनाव: सुरक्षाकर्मियों पर बदसलूकी का आरोप, छात्रों का धरना जारी

दिल्ली की अंबेडकर यूनिवर्सिटी (AUD) इन दिनों भारी तनाव के केंद्र में है। कैंपस में पीएचडी अटेंडेंस और इवेंट परमिशन से जुड़े विवादों को लेकर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। 28 सितंबर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन प्रशासन और छात्रों के बीच की खाई कम होने के बजाय और गहरी होती जा रही है।
छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों, जिनमें स्टूडेंट काउंसिल और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) शामिल हैं, का दावा है कि 2 और 3 अक्टूबर को उन्हें कश्मीरी गेट कैंपस में घुसने से रोका गया। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लाइब्रेरी का इस्तेमाल नहीं करने दिया गया और यहां तक कि उनके खाने के डिलीवरी ऑर्डर भी रोक दिए गए। एमए जेंडर स्टडीज की छात्रा ब्लेसी ने बताया कि जब वे धरने पर बैठे साथियों के लिए जरूरी सामान और भोजन लाने की कोशिश कर रहे थे, तब सुरक्षा गार्डों ने उनके साथ बदसलूकी की और धक्का-मुक्की की।
प्रशासन और छात्रों के दावों में टकराव
छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य कैंपस गेट पिछले एक साल से बंद है और कुलपति (VC) के कार्यालय के चारों ओर स्थायी बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे कैंपस के एकमात्र लॉन तक पहुंच बाधित हो गई है।
दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पब्लिक रिलेशंस ऑफिस ने कहा कि लाइब्रेरी और कुछ ब्लॉक्स में पहले से तय मेंटेनेंस का काम चल रहा था, इसलिए उन्हें बंद रखा गया। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ही गेट चेकिंग और फूड डिलीवरी की जांच की गई। यूनिवर्सिटी ने उल्टा यह आरोप लगाया कि छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की है, जिसकी जानकारी दिल्ली पुलिस को दे दी गई है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन के लिए एक निर्धारित जगह है, जबकि इस अनिश्चितकालीन धरने के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी। हालांकि, यूनिवर्सिटी का कहना है कि वह छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहा है और 'चलो केजी' विरोध प्रदर्शन के बाद पीएचडी अटेंडेंस नोटिस पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। साथ ही, यूनिवर्सिटी की मेडिकल टीम प्रदर्शन कर रहे छात्रों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।