अंबेडकर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन: छात्रों ने लगाया सुरक्षाकर्मियों पर बदसलूकी का आरोप

दिल्ली की अंबेडकर यूनिवर्सिटी (AUD) के कश्मीरी गेट कैंपस में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। कैंपस के भीतर प्रशासनिक प्रतिबंधों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को सुरक्षाकर्मियों पर बदसलूकी और धक्का-मुक्की करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला तब बढ़ा जब प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा था कि उन्हें कैंपस में घुसने से रोका गया और धरने पर बैठे साथियों के लिए आने वाले खाने के पैकेटों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया।
दरअसल, यह अनिश्चितकालीन धरना पिछले सात दिनों से चल रहा है। इस विरोध की जड़ 31 जुलाई 2026 को जारी किए गए दो सर्कुलर हैं, जिनमें पीएचडी स्कॉलर्स के लिए उपस्थिति अनिवार्य करने और कैंपस में किसी भी तरह के जमावड़े के लिए पूर्व अनुमति लेने की शर्त रखी गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कैंपस गेट पर गहमागहमी और बहस होती दिख रही है, जिसमें छात्रों का दावा है कि गार्ड्स ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
छात्रों की मांगें और प्रशासन की सफाई
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगें केवल सर्कुलर्स को वापस लेने तक सीमित नहीं हैं। वे पीएचडी फीस माफी की बहाली, निर्णय लेने की प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने और कैंपस के मुख्य गेट को खोलने की मांग कर रहे, जो कथित तौर पर एक साल से अधिक समय से बंद है। फिलहाल तीन छात्र कैंपस के अंदर और नौ छात्र गेट के बाहर अपना विरोध जारी रखे हुए हैं।
दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क कार्यालय का कहना है कि गेट्स को केवल विरोध प्रदर्शन को निशाना बनाने के लिए बंद नहीं किया गया था, बल्कि लाइब्रेरी और प्रयोगशालाओं में रखरखाव (मेंटेनेंस) का काम चल रहा था, जिसकी सूचना पहले ही दी जा चुकी थी। प्रशासन ने यहाँ तक दावा किया कि सुरक्षाकर्मियों के साथ छात्रों ने बदसलूकी की है, जिसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से की गई है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि सुरक्षाकर्मी केवल तय प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सेहत की निगरानी के लिए मेडिकल टीम तैनात है।