अंबाला हाईवे पर सिख प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हिंसक झड़प, 6 पुलिसकर्मी घायल

अंबाला में गुरुवार को दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे (NH-44) पर सिख प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह प्रदर्शन गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के पास हुआ, जिसमें अनुमानित 1,500 से 1,600 लोग शामिल थे। इस प्रदर्शन की मुख्य मांग इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तान टेररिस्ट फ्रंट के नेशनल प्रेसिडेंट गुरसिमरन सिंह मंड की गिरफ्तारी और 7 अगस्त की घटना के सिलसिले में पहले गिरफ्तार किए गए दो सिख युवकों की रिहाई थी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी UNI India और ANI News पर उपलब्ध है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
जब पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, तो टकराव काफी बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ और सुरक्षा बलों ने इसके बाद लाठी-चार्ज किया। अंबाला के SP अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि हिंसा काफी गंभीर थी और एक बैटल-एक्स (फर्सा) से हमला किए जाने के कारण एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (DSP) के अंगूठे में गंभीर चोट आई है।
अधिकारियों का दौरा और आगे की कार्रवाई
हरियाणा के DGP अजय सिंघल ने स्थानीय अस्पतालों में जाकर घायलों से मुलाकात की। DGP अजय सिंघल ने कहा कि सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। यह अशांति 7 अगस्त की झड़प के बाद हुई है, जिसमें मंड शामिल थे और जिनका एंटी-खालिस्तान रुख एक बड़ा विवाद बना हुआ है।
मामले की जांच और प्रदर्शनकारियों के आरोप
प्राधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस ने शुरुआती टकराव के दौरान मंड के आचरण को लेकर दी गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।