इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा protest मामले में पत्रकार सत्यम वर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी

- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्रकार सत्यम वर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई 23 सितंबर 2026 तक टाल दी है।
- सत्यम वर्मा मजदूर बिगुल दस्ता के संपादक हैं और उन पर अप्रैल 2026 के नोएडा मजदूर विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले हैं।
- वर्मा को 17 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था और उन पर कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जमानत याचिका और सुनवाई की तारीख
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार 15 सितंबर 2026 को मजदूर बिगुल दस्ता के संपादक और पत्रकार सत्यम वर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने इस मामले की सुनवाई को 23 सितंबर 2026 तक के लिए टाल दिया है। यह स्थगन राज्य के वकील को वर्मा के आवेदन के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराने का समय देने के लिए किया गया है। सत्यम वर्मा की यह जमानत याचिका मुख्य रूप से सह-आरोपी शिव कुमार उर्फ शिवा के साथ समानता के सिद्धांत पर आधारित थी, जिसे 23 जून 2026 को जमानत मिल चुकी थी।
गिरफ्तारी और अन्य मामले
सत्यम वर्मा को 13 अप्रैल 2026 को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार अशांति और आगजनी में केंद्रीय भूमिका निभाने के आरोप में 17 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। वर्मा इस मामले में कुल 11 आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। इस विशिष्ट मामले में जमानत मिलने की संभावना के बावजूद, वर्मा अन्य लंबित मामलों और गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम द्वारा 12 मई 2026 को जारी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत सक्रिय नजरबंदी आदेश के कारण न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
हेबीस कॉर्पस याचिका और एनएसए नजरबंदी
16 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की एक अन्य पीठ ने वर्मा द्वारा उनकी एनएसए नजरबंदी को चुनौती देने वाली हेबीस कॉर्पस याचिका पर भारत संघ, उत्तर प्रदेश राज्य और नोएडा जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किए। इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय की गई है। यह घटनाक्रम 2 सितंबर 2026 को छात्र कार्यकर्ता आकृति चौधरी की एनएसए नजरबंदी को रद्द किए जाने के बाद सामने आया है, जिन्हें वर्मा के साथ ही हिरासत में लिया गया था।