भारत में अक्षय ऊर्जा दिवस पर रिन्यूएबल एनर्जी का विस्तार, 2030 तक 500 GW का लक्ष्य

भारत ने 20 अगस्त 2026 को नेशनल रिन्यूएबल Energy Day यानी अक्षय ऊर्जा दिवस मनाया, जो देश के सस्टेनेबल पावर की ओर बढ़ने का एक बड़ा मील का पत्थर है। रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रिन्यूएबल एनर्जी भारत की एनर्जी सिक्योरिटी, आत्मनिर्भरता और 'Viksit Bharat' (विकसित भारत) के विजन का एक मुख्य आधार बन गई है। गुप्ता ने यह भी बताया कि दिल्ली सोलर पावर के बड़े विस्तार के जरिए एक क्लीन, ग्रीन और एनर्जी-एफिशिएंट राजधानी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। 20 अगस्त 2026 को देश भर में अक्षय ऊर्जा दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है। दिल्ली को क्लीन और ग्रीन कैपिटल बनाने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं।
रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता और सोलर पावर का विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 के अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में बताया कि भारत की सोलर एनर्जी कैपेसिटी 2014 में 2 GW से बढ़कर 160 GW हो गई है, और 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी हासिल करने का कुल लक्ष्य है। इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, 2026 में भारत की कुल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी 250 GW से ज्यादा हो गई है। इसके अलावा, 2026 की पहली छमाही में लगभग 6 GW सोलर ओपन एक्सेस कैपेसिटी जोड़ी गई, जो साल-दर-साल 42% की बढ़ोतरी है, जिससे कुल कैपेसिटी 36 GW हो गई है। भारत की सोलर एनर्जी कैपेसिटी 2014 के 2 GW से बढ़कर 160 GW हो गई है। 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी हासिल करने का लक्ष्य है। 2026 में भारत की कुल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी 250 GW से अधिक हो गई है।
इकोनॉमिक और पॉलिसी फ्रेमवर्क तथा रिपोर्ट
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्केले द्वारा 20 अगस्त 2026 को जारी एक study से पता चलता है कि बैटरी स्टोरेज के साथ मिलने वाली रिन्यूएबल एनर्जी नए कोयला आधारित संयंत्रों की तुलना में अधिक किफायती हो रही है। इसका उदाहरण Solar Energy Corporation of India (SECI) की 1,000-मेगावाट की नीलामी है, जिसमें 25 साल के लिए 5.25 रुपये प्रति किलोवाट-घंटे का टैरिफ तय हुआ। इसके साथ ही, रेटिंग एजेंसी ICRA का अनुमान है कि बड़े हाइड्रो सहित रिन्यूएबल स्रोतों से बिजली उत्पादन की हिस्सेदारी 2024-25 के 22% से बढ़कर 2029-30 तक 35% से अधिक हो जाएगी। बैटरी स्टोरेज वाली रिन्यूएबल एनर्जी नए कोल प्लांट्स से अधिक किफायती हो रही है। SECI की नीलामी में 25 साल के लिए 5.25 रुपये प्रति kWh का टैरिफ मिला। ICRA के अनुसार 2029-30 तक रिन्यूएबल स्रोतों से बिजली का हिस्सा 35% से अधिक हो जाएगा।
दिल्ली सोलर पॉलिसी और भविष्य की योजनाएं
दिल्ली में सरकार अपनी Delhi Solar Policy 2023 लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य 2027 तक 4,500 MW सोलर कैपेसिटी हासिल करना है, जिसमें 750 MW रूफटॉप सोलर और 3,750 MW यूटिलिटी-स्केल सोलर शामिल है। Master Plan of Delhi for 2047 (MPD-2047) के ड्राफ्ट प्रस्तावों में नजफगढ़ नाले के छह किलोमीटर के हिस्से सहित शहर की नहरों और नालों पर सोलर और हाइड्रो इंस्टॉलेशन के जरिए बिजली पैदा करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। पावर मिनिस्टर आशीष सूद ने जोर देकर कहा कि इस ट्रांजिशन को तेज करने के लिए प्रशासन सब्सिडी और जनरेशन-बेस्ड इंसेंटिव के जरिए कंज्यूमर कॉस्ट को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। Delhi Solar Policy 2023 का लक्ष्य 2027 तक 4,500 MW सोलर कैपेसिटी हासिल करना है। MPD-2047 के तहत नहरों और नालों पर सोलर और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की योजना है। पावर मिनिस्टर आशीष सूद ने सब्सिडी और इंसेंटिव के जरिए लागत कम करने की बात कही।