रामलीला मैदान में गरजे अखिलेश यादव, वोटर लिस्ट पर सीएम योगी के दावे को बताया गलत
दिल्ली के रामलीला मैदान में अखिलेश यादव ने वोटर लिस्ट से हिंदू वोटरों के गायब होने के दावे पर सीएम योगी आदित्यनाथ को घेरा।

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की एक बड़ी रैली के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जोरदार हमला बोला। अखिलेश यादव ने सीएम योगी के उस दावे पर सवाल उठाए जिसमें कहा गया था कि चुनावी सूचियों से करीब 1.27 करोड़ हिंदू वोटर गायब हैं। अखिलेश ने सीधे तौर पर पूछा कि आखिर यह आंकड़े किसके दिए हुए हैं और यह मुद्दा तभी क्यों उठा जब बीजेपी एमएलसी चुनाव में हार गई।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लखनऊ में बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया था कि 28 शहरी स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों में 1.27 करोड़ हिंदू वोटरों की अनुपस्थिति के कारण पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ा। सीएम ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी थी।
'डबल जीरो' सरकार का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने मौजूदा सरकार को 'डबल जीरो' सरकार करार देते हुए तंज कसा कि मुख्यमंत्री चुनावी हार को स्वीकार करने के बजाय वोटों की गिनती दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि जिन 'गायब लाभार्थियों' की बात सरकार कर रही है, वे सभी रामलीला मैदान में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के संशोधन के बाद आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2.04 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए, जबकि 84 लाख से अधिक नए वोटर जोड़े गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या करीब 13.39 करोड़ हो गई है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग के पास धर्म के आधार पर मतदाताओं का कोई अलग डेटा नहीं होता है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में यह रैली चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की गई थी। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग को 'फॉर्म 7' के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया है।