'BJP अभी भी बना रही है फर्जी वोट', अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जी और डुप्लीकेट वोट बनवाए जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह इस पूरी प्रक्रिया में पूरी तरह निष्पक्ष रहे। यह मामला तब गरमाया जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और इंडिया गठबंधन के नेता सड़कों पर उतरे।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब एक नए तरह का रिविजन शुरू किया जा रहा है, जबकि लाखों डुप्लीकेट वोट अभी भी लिस्ट में मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपनी मर्जी से वोट रजिस्टर करवा रही है और यदि कोई व्यक्ति भाजपा का सदस्य है, तो चुनाव आयोग उसका वोट आसानी से रजिस्टर कर लेता है। सपा प्रमुख ने यहाँ तक कह दिया कि भाजपा सदस्यता को नागरिकता की पहचान से जोड़ा जा रहा है, जबकि पार्टी से बाहर के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं हो रहा है।
यूपी की 403 सीटों पर धांधली का दावा
अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लाखों फर्जी वोट हैं और कई जगहों पर एक ही व्यक्ति के नाम पर दस वोट तक रजिस्टर्ड हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी पार्टी ने कई विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे फर्जी वोटों की पहचान कर ली है और जल्द ही इसकी सूची सार्वजनिक की जाएगी। अखिलेश ने कहा, "SIR प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए और समय बर्बाद हुआ, लेकिन फिर भी अनियमितताएं बनी हुई हैं। हम भाजपा को 403 सीटों पर इस तरह की धोखाधड़ी करने की अनुमति नहीं देंगे।"
इस बीच, दिल्ली में इंडिया गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने एक बड़ा विरोध मार्च निकाला। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने इस प्रदर्शन में शामिल होते हुए कहा कि वे सभी भारतीयों को न्याय दिलाने के लिए 'न्याय के केंद्र' की ओर कूच कर रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने इन विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी देश को अराजकता की आग में झोंकना चाहते हैं।