जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन: चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे AISA सदस्य हिरासत में, पुलिस ने दर्ज की FIR

देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विवाद अब सड़कों पर उतर आया है। शनिवार को जंतर मंतर के पास मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कई सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था और वे उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
मौके पर तनाव तब बढ़ गया जब AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल सहित कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्ती बरती और कई लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के साहस की सराहना करते हुए उन्हें 'हीरो' बताया और कहा कि वे बार-बार इस लड़ाई के लिए वापस लौटेंगे।
विवाद की जड़ और पुलिस की कार्रवाई
यह पूरा मामला मतदाता सूचियों के संशोधन और पंजीकरण में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयुक्तों ने वोटर रजिस्ट्रेशन और तकनीकी प्रणालियों को लेकर कई बार आपत्तियां जताई थीं, हालांकि चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है।
इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस काफी सतर्क थी। प्रशासन ने पहले ही धारा 163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी और प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद भारी संख्या में लोग वहां पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन FIR दर्ज की हैं, जिनमें से दो संसद मार्ग थाने और एक कनॉट प्लेस थाने में दर्ज कराई गई हैं।
सिर्फ छात्र संगठन ही नहीं, बल्कि इस विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल थे। AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, मंत्री आतिशी और विधायक कुलदीप कुमार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। दिल्ली के अलावा मुंबई के शिवाजी पार्क में भी इसी मुद्दे पर प्रदर्शन हुआ, जहां मुंबई पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।