'पुलिस ने हमें अंधेरे में रखा', AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की हिरासत पर वकील ने जताई नाराजगी

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा की हिरासत को लेकर अब कानूनी विवाद शुरू हो गया है। नेहा बोरा के कानूनी दल के वकील आदित्य कृष्णा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें हिरासत के कारणों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है। वकील का दावा है कि पुलिस ने उन्हें और नेहा के करीबियों को पूरी तरह अंधेरे में रखा है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि उन पर क्या आरोप लगाए गए हैं।
शनिवार तड़के करीब 3 बजे ANI से बातचीत करते हुए वकील आदित्य कृष्णा ने बताया कि उन्हें केवल यह जानकारी मिली है कि नेहा की मेडिकल जांच की जा रही है या की जाएगी। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस न तो एफआईआर (FIR) की कॉपी दे रही है और न ही यह बता रही है कि मामला क्या है। वकील के मुताबिक, वकीलों और दोस्तों को नेहा से मिलने देने में भी काफी मुश्किलें पैदा की जा रही हैं, जो कि कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन है।
स्वास्थ्य और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
इस बीच, दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा और AISA कार्यकर्ता अंजली ने बताया कि करीब 4-5 घंटे की कड़ी मशक्कत और बहस के बाद पुलिस ने नेहा के एक दोस्त को उनसे मिलने की अनुमति दी। अंजली का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से नेहा की तबीयत बिगड़ रही थी और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत है। हालांकि, दोस्त से मिलने के बाद यह पता चला कि वह फिलहाल ठीक हैं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बरकरार हैं।
AISA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया था कि नेहा बोरा को मंगोलपुरी स्थित एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) कार्यालय में अकेला रखा गया है। संगठन का कहना था कि कई घंटों तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया और बाहर तैनात सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मी उनके सहयोगियों को अंदर जाने से रोक रहे थे।
वकील आदित्य कृष्णा ने उम्मीद जताई है कि नेहा को रविवार सुबह मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए और इस तरह की अवैध कार्यप्रणाली को तुरंत रोका जाना चाहिए।