चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, AISA अध्यक्ष ने उठाए सवाल

AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर और वोटर लिस्ट रिवीजन पर उठाए सवाल, रामलीला मैदान रैली का किया समर्थन।

Kittu Kumari31 October 20262 min read0 viewsNational
चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, AISA अध्यक्ष ने उठाए सवाल

देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनावी प्रक्रिया के नाम पर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर नागरिकों के वोट देने के अधिकार को छीना जा रहा है। यह मामला विशेष गहन संशोधन (SIR) के जरिए वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर है, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश है।

एक मॉक पार्लियामेंट सत्र के दौरान नेहा बोरा ने दावा किया कि इस संशोधन प्रक्रिया के जरिए लगभग 13 करोड़ मतदाताओं को मनमाने ढंग से बाहर कर दिया गया है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जा रहे एल्गोरिदम और दस्तावेजी शर्तों का फायदा उठाकर गरीब, हाशिए पर रहने वाले लोगों और प्रवासी मजदूरों को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है।

रामलीला मैदान में मेगा रैली का समर्थन और मांगें

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस मुद्दे को लेकर नेहा बोरा ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की मेगा रैली का समर्थन किया है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने गठबंधन की ओर से तीन मुख्य मांगें रखी हैं:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा।
  • वर्तमान में चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया पर तुरंत रोक।
  • 2023 के बाद लागू किए गए सभी चुनावी कानूनों और नियमों को वापस लेना।

इस आंदोलन में युवाओं की 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के साथ-साथ राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी जैसे INDIA गठबंधन के दल भी शामिल हैं।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भाजपा का कहना है कि ये दावे केवल राजनीतिक प्रेरित हैं और वोटर लिस्ट का संशोधन एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है जो जरूरी होती है। वहीं, चुनाव आयोग ने भी किसी भी तरह के पक्षपात से इनकार करते हुए कहा है कि मतदाता सूचियों को सटीक बनाए रखने के लिए यह संशोधन आवश्यक है।

Share:

Comments

Leave a comment