डेटा सेंटर और सॉवरेन क्लाउड पर एयरटेल का बड़ा दांव, सुनील मित्तल ने बताया फ्यूचर प्लान

देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल अब अपने कारोबार को नए आयाम देने की तैयारी में है। कंपनी अब डेटा सेंटर्स और एयरटेल डेटा सेंटर विस्तार यानी सॉवरेन क्लाउड (Sovereign Cloud) को अपना अगला बड़ा फोकस एरिया बनाने जा रही है। भारती एयरटेल के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान इस रणनीति का खुलासा किया।
सुनील भारती मित्तल ने बताया कि दुनिया भर में अब डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश अब अपने संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रखने और उसे अपनी राष्ट्रीय सीमाओं के भीतर रखने पर जोर दे रहे हैं। इसी जरूरत को देखते हुए एयरटेल अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ा रहा है।
क्षमता में भारी बढ़ोतरी और नए सेंटर्स का जाल
मित्तल के मुताबिक, कंपनी अपनी डेटा सेंटर क्षमता को बहुत कम समय में 300 मेगावाट से बढ़ाकर गीगावाट तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए देश के प्रमुख शहरों में नए सेंटर्स बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत, मुंबई के पास और दिल्ली के आसपास नए डेटा सेंटर्स का निर्माण किया जा रहा है।
कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा सॉवरेन डेटा क्लाउड तैयार करना है, जिसके जरिए भारतीय उद्यमों, सरकारी विभागों और रक्षा बलों को सुरक्षित सेवाएं प्रदान की जा सकें। मित्तल ने कहा कि उनकी टीम इस दिशा में बहुत तेजी से काम कर रही है ताकि डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा, सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब एक उन्नत स्तर पर है और बस अंतिम सुरक्षा मंजूरी का इंतजार है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी देश के "हर इंच" को कनेक्ट करने में सक्षम होगी। गौरतलब है कि एयरटेल ने अफ्रीका में एक वैश्विक प्रदाता के साथ साझेदारी कर सैटेलाइट सेवाएं शुरू कर दी हैं।
भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों पर चर्चा करते हुए सुनील मित्तल ने कहा कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा साझेदार है, लेकिन व्यापारिक संबंधों में अभी भी काफी काम होना बाकी है। उन्होंने उच्च टैरिफ और अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का अमेरिका को निर्यात 100 बिलियन डॉलर से अधिक है, जिससे भविष्य के व्यापारिक रुझानों को लेकर चिंताएं बनी रहती हैं।