दिवाली और छठ पर बिहार जाने वालों की बढ़ी मुसीबत, हवाई किराए आसमान पर और उड़ानें रद्द
बिहार जाने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें। दिल्ली-पटना फ्लाइट्स के दाम बढ़े और कई उड़ानें रद्द, अब निजी बसों का सहारा ले रहे लोग।

दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों के मौके पर अपने घर बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों से बिहार जाने वाली फ्लाइट्स के किराए में भारी उछाल आया है, जिससे आम यात्रियों का बजट बिगड़ गया है। स्थिति यह है कि कई रूटों पर हवाई किराया तीन गुना तक बढ़ गया है, जिससे लोग अब विकल्प तलाशने को मजबूर हैं।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली से बिहार जाने वाले टिकटों की कीमतें चौंकाने वाली हैं। 11 नवंबर को छठ पूजा के समय दिल्ली से निकलने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट का न्यूनतम किराया 12,223 रुपये है, जबकि एयर इंडिया की एक अन्य फ्लाइट का किराया 21,902 रुपये तक पहुंच गया है। किराए की इस मार के बीच पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। बेंगलुरु-पटना रूट पर 1 से 15 नवंबर तक एयर इंडिया एक्सप्रेस की कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, वहीं दिवाली के मौके पर 8 नवंबर को दिल्ली-पटना सेवा भी बंद रही।
महंगाई की मार और सरकारी रुख
हवाई किराए में इस बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें किराए में 700% तक की वृद्धि का दावा किया गया था, लेकिन कोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि इस त्योहारी सीजन के लिए किराए की कोई ऊपरी सीमा (Price Cap) तय नहीं की जाएगी। हालांकि, सरकार ने एयरलाइंस से अपील की है कि वे कीमतों को वाजिब रखें।
ट्रेनों में कंफर्म टिकट न मिलने और फ्लाइट्स के महंगे होने के कारण अब लोग निजी बसों का रुख कर रहे हैं। लेकिन यहां भी राहत नहीं है; प्रीमियम बस सेवाओं के किराए सामान्य से दो से तीन गुना बढ़कर 4,000 से 9,999 रुपये तक पहुंच गए हैं। विमानन ईंधन (ATF) की बढ़ती लागत और सीमित क्षमता के कारण यात्रियों को इस समय भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।