फुकट से दिल्ली आने वाली Air India फ्लाइट में हुई गंभीर घटना के बाद एविएशन अथॉरिटीज और एयरलाइंस ने सुरक्षा और प्रक्रिया से जुड़े बड़े बदलाव किए हैं। 4 अगस्त 2026 को Air India की फ्लाइट AI2379 (Airbus A320neo) अचानक 300 फीट नीचे आ गई थी और इसके तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम अस्थायी रूप से फेल हो गए थे, जिससे कुछ सेकंड के लिए कंट्रोल्स काम नहीं कर रहे थे और ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया था। इस घटना में 13 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर्स सहित 17 लोग घायल हो गए थे। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) एयरबस की मदद से इस घटना की जांच कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट-इन-कमांड नींद की गोलियां ले रहा था और उसका ड्रग्स टेस्ट पॉजिटिव आया था, साथ ही केबिन क्रू के प्रति उसके व्यवहार को लेकर भी शिकायतें थीं।
सरकार के निर्देशों के बाद Air India ने अपने कॉकपिट क्रू के लिए एक स्वैच्छिक और अनिवार्य वन-टाइम ड्रग टेस्टिंग प्रोग्राम शुरू किया है जो मौजूदा नियमों से अधिक सख्त है। 20 अगस्त 2026 तक लगभग 400 पायलटों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से दो अन्य पायलटों का शुरुआती रिजल्ट 'नॉन-नेगेटिव' आया है और उन्हें कंफर्मेटरी टेस्ट आने तक उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। ये उपाय 13 अगस्त 2026 को जारी किए गए सरकारी निर्देशों के बाद आए हैं, जिसमें Directorate General of Civil Aviation (DGCA) को ड्रग टेस्टिंग के नियमों को मजबूत करने और फ्लाइट क्रू की रैंडम स्क्रीनिंग को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत से अधिक करने का निर्देश दिया गया था।
20 अगस्त 2026 को एक अन्य घटना में Phuket से Delhi आ रही एक और Air India फ्लाइट AI 379 को Lavatory में बम की धमकी मिलने के बाद वापस Phuket में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। सुरक्षा कर्मियों ने बोर्ड पर कोई विस्फोटक नहीं पाया और सभी 156 यात्रियों तथा क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। Air India ग्रुप, जिसमें Air India Express भी शामिल है और जो 5000 से अधिक पायलटों को रोजगार देता है, बेहतर परिचालन निगरानी और सुरक्षा मानकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दे रहा है।