Air India ने 5000 पायलटों के लिए अनिवार्य ड्रग टेस्ट शुरू किया, बड़ी कार्रवाई

Air India ने अपने सभी 5,000 पायलटों के लिए एक अनिवार्य और व्यापक साइकोएक्टिव सब्सक्रिस्टेंस स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। यह बड़ा कदम एयर इंडिया और Air India Express के सभी पायलटों पर लागू होता है। यह नई पहल 13 अगस्त 2026 को शुरू की गई है।
- Air India के सभी 5,000 पायलटों के लिए अनिवार्य ड्रग टेस्ट शुरू।
- 4 अगस्त 2026 को Phuket से Delhi आ रही फ्लाइट AI2379 में हुई अचानक ऊंचाई घटने की घटना के बाद यह कदम उठाया गया।
- पायलट-इन-कमांड सुदीप वशिष्ठ (Sudeep Vashistha) मारिजुआना (marijuana) के सेवन में पॉजिटिव पाए गए थे।
- यह स्क्रीनिंग प्रक्रिया Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के मौजूदा नियमों से आगे बढ़कर है।
ड्रग टेस्ट की प्रक्रिया और जांच
यह स्क्रीनिंग प्रोग्राम 4 अगस्त 2026 को Phuket से Delhi की फ्लाइट (AI2379) में हुई गंभीर घटना के बाद एक बेहतर सुरक्षा उपाय के रूप में शुरू किया गया है। इस फ्लाइट में अचानक ऊंचाई में कमी आ गई थी। बाद में कंफर्मेटरी टेस्टिंग से पता चला कि पायलट-इन-कमांड सुदीप वशिष्ठ (Sudeep Vashistha) मारिजुआना (marijuana) पॉजिटिव पाए गए थे।
वर्तमान में यह टेस्टिंग Air India Gurugram Academy और विभिन्न निर्धारित Flight Briefing Centres पर की जा रही है। फ्लाइट ऑपरेशंस के सीनियर वीपी कैप्टन मनीष उप्पल (Captain Manish Uppal) ने कहा कि यात्रियों के भरोसे को प्राथमिकता देने के लिए यह कदम जरूरी है।
नियामक और जांच एजेंसियां
यह स्क्रीनिंग प्रक्रिया Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के उन नियमों से अधिक है, जिनमें आमतौर पर सालाना कम से कम 10% फ्लाइट क्रू का रैंडम टेस्ट अनिवार्य होता है।
इस बीच, Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) 4 अगस्त की घटना की अपनी जांच जारी रखे हुए है। वहीं, DGCA सुरक्षा से जुड़े कर्मियों के लिए साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्टिंग और संभावित लाइसेंस परिणामों से जुड़े अपने राष्ट्रीय नियामक ढांचे की समीक्षा कर रहा है।