एयर इंडिया फ्लाइट में गंभीर तकनीकी खराबी: 300 फीट की अचानक गिरावट और 24 लोग घायल

फुकट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त 2026 को अचानक लगभग 300 फीट की ऊंचाई में गिरावट आई, जिससे 20 यात्रियों और चार केबिन क्रू मेंबर को चोटें आईं। यह विमान, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-EXO है, बाद में दिल्ली में सुरक्षित उतर गया। शुरुआती रिपोर्टों में 'severe clear air turbulence' का जिक्र किया गया था, जबकि बाद के आधिकारिक बयानों में 'क्रूज के दौरान ऊंचाई में अचानक गिरावट' बताया गया।
ANI news के अनुसार (Source), 13 अगस्त को सामने आई एक कथित पोस्ट-फ्लाइट मेंटेनेंस रिपोर्ट में उड़ान के दौरान कई तकनीकी चेतावनियों का संकेत मिला। इनमें ग्रीन, ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम में बार-बार लो-प्रेशर अलर्ट, येलो और ब्लू रिजर्वॉयर में कम फ्लूइड लेवल, और दो बार ऑटोपायरोट डिस्कनेक्ट होना शामिल है। इसके अलावा लेफ्ट और राइट एलिवेटर फ्लाइट कंट्रोल फॉल्ट, इंजन एंटी-आइस मैसेज, और राइट फॉरवर्ड व एफ्ट इमरजेंसी एग्जिट डोर से जुड़े संकेत भी मिले। एयरलाइन पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कैप्टन सैम थॉमस ने सुझाव दिया कि विमान में 'ट्रिपल हाइड्रोलिक सिस्टम फेलियर' हुआ था।
जांच और अन्य खुलासे
भारत के Directorate General of Civil Aviation (DGCA) और Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने इस घटना को 'गंभीर घटना' (Serious Incident) के रूप में वर्गीकृत करते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है (Source)। 12 अगस्त को एक पुष्टिकरण परीक्षण में उड़ान के पायलट-इन-कमांड ने एक साइकोएक्टिव पदार्थ (कथित तौर पर मारिजुआना) के लिए पॉजिटिव टेस्ट दिया। AAIB, ICAO प्रोटोकॉल के अनुसार, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को सुरक्षित रखते हुए जांच कर रहा है, और फ्रांस के Bureau d'Enquêtes et d'Analyses (BEA) तथा एयरबस से तकनीकी सहायता प्राप्त कर रहा है। AAIB ने जनता और मीडिया से अधूरी जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचने का आग्रह किया है।