हाईजैक अलर्ट के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट जयपुर डायवर्ट, मचा हड़कंप

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2030 में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक हाईजैक का अलर्ट जारी हो गया। इस सुरक्षा खतरे के चलते विमान को इमरजेंसी में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा। इस फ्लाइट में 293 यात्री और 13 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिन्हें सुरक्षित जयपुर उतारने के बाद कड़ी सुरक्षा जांच की गई।
घटना तब शुरू हुई जब विमान मुंबई फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में था और पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को 'स्क्वाक कोड 7500' भेजा। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक यह कोड विमान के हाईजैक या किसी गैर-कानूनी हस्तक्षेप का संकेत होता है। जैसे ही यह अलर्ट मिला, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और विमान को सुबह 9:35 बजे जयपुर एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे में लैंड कराया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच और राहत
लैंडिंग के तुरंत बाद जयपुर एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल था। सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF), स्थानीय पुलिस और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) ने मोर्चा संभाला और विमान की गहन तलाशी ली। मालवीय नगर के एसीपी शिव दयाल ने पुष्टि की कि सुरक्षा खतरे की सूचना मिलने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। इस दौरान नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और एंटी-टेररिज्म स्क्वाड को भी स्टैंडबाय पर रखा गया था।
काफी मशक्कत और जांच के बाद यह साफ हुआ कि हाईजैक का अलर्ट पूरी तरह गलत था। यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल पर स्क्रीनिंग के लिए ले जाया गया और उसके बाद उन्हें दोबारा उसी विमान में बिठाया गया। फ्लाइट दोपहर 2:37 बजे जयपुर से रवाना हुई और शाम 3:11 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड की।
अब इस पूरे मामले की जांच डीजीसीए (DGCA) और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी कर रही है। जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या यह किसी तकनीकी खराबी, ट्रांसपोंडर एरर या एटीसी सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी के कारण हुआ। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पायलटों ने ऑन-बोर्ड ऑपरेशंस को सामान्य बताया था और उन्होंने एटीसी के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया, इसलिए क्रू की कोई गलती नहीं पाई गई है।