हाईजैकिंग के अलर्ट के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट जयपुर डायवर्ट, मचा हड़कंप

हवा में उड़ते विमान में जब 'अनलॉफुल इंटरफेरेंस' यानी हाईजैकिंग का अलर्ट आता है, तो सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ जाती हैं। ऐसा ही कुछ बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को हुआ, जब फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2030 को अचानक जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ मोड़ना पड़ा। इस घटना के बाद विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान जब मुंबई फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में था, तब सुबह करीब 9:00 बजे अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को 'स्क्वॉक कोड 7500' मिला। यह एक अंतरराष्ट्रीय कोड है जिसका इस्तेमाल पायलट तब करते हैं जब विमान के साथ कोई गैरकानूनी छेड़छाड़ या हाईजैकिंग की स्थिति हो। इस गंभीर संकेत को मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और विमान को तुरंत जयपुर लैंड कराने का फैसला लिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी घेराबंदी और जांच
विमान में कुल 293 यात्री और 13 क्रू मेंबर्स सवार थे। सुबह 9:35 बजे जैसे ही फ्लाइट जयपुर एयरपोर्ट पर उतरी, इसे तुरंत आइसोलेशन बे में खड़ा कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर वहां भारी तैनाती की गई थी। जांच के लिए निम्नलिखित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं:
- सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF)
- स्थानीय पुलिस और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड
- एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS)
- नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) - जो स्टैंडबाय मोड पर थे
करीब दो घंटे तक सभी यात्रियों को विमान के अंदर ही रहना पड़ा, जबकि सुरक्षा टीमों ने पूरी गहन तलाशी ली। जांच के बाद अधिकारियों ने पाया कि विमान में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी या खतरा नहीं था। इस पूरे अलर्ट को महज एक 'होक्स' या सुरक्षा संबंधी गलतफहमी करार दिया गया।
फिलहाल, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस मामले की शुरुआती जांच कर रहा है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या यह कोई तकनीकी खराबी थी या पायलट की तरफ से हुई कोई चूक। सुरक्षा क्लियरेंस मिलने के बाद, विमान दोपहर 2:37 बजे जयपुर से रवाना हुआ और दोपहर 3:11 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा।