बड़ी खबर: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में टर्बुलेंस के बाद एयर इंडिया का कैप्टन ड्रग टेस्ट में फेल

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI2379) में गंभीर टर्बुलेंस के बाद एक बड़ी खबर सामने आई है। 4 अगस्त 2026 को हुई इस घटना के बाद एयर इंडिया के एक कैप्टन का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है, जिसमें साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन की बात सामने आई है। दिल्ली में विमान के उतरने के बाद यह ड्रग टेस्ट किया गया था, और 8-9 अगस्त 2026 के बीच इस मामले में दावे सामने आए।
- फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 में 137 यात्री सवार थे।
- विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे गिरा, जिससे 13 यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हो गए।
- घटना के बाद कैप्टन को तुरंत उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है और जांच जारी है।
घायलों की स्थिति और एयर इंडिया का बयान
इस भयंकर टर्बुलेंस की घटना के बाद सभी 13 घायल यात्रियों को 5 अगस्त 2026 तक अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि, चारों घायल क्रू मेंबर अभी भी मेडिकल देखरेख में हैं। एयर इंडिया ने पुष्टि की है कि प्रोटोकॉल के तहत उड़ान के बाद स्क्रीनिंग टेस्ट किए जाते हैं, लेकिन एयरलाइन के साथ अभी तक विशिष्ट टेस्ट परिणाम साझा नहीं किए गए हैं, इसलिए वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह नागरिक उड्डयन नियमों के तहत क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग टेस्ट करती है और संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।
DGCA की जांच और ड्रग्स नियमों की जानकारी
डिफेंस और नागरिक उड्डयन नियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) इस पूरी घटना के हर पहलू की जांच कर रहा है। इसमें टर्बुलेंस से निपटने के तरीके, उसके कारणों और विमान की स्थिति की जांच शामिल है। DGCA के नियमों के अनुसार विमानन कर्मियों के लिए ड्रग टेस्ट अनिवार्य हैं और पॉजिटिव आने पर सख्त परिणाम होते हैं: पहली बार पकड़े जाने पर नशा मुक्ति और पुनर्वास किया जाता है, दूसरी बार में तीन साल के लिए लाइसेंस सस्पेंड होता है, और तीसरी बार में लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है। एयरलाइंस को एम्प्लॉयमेंट से पहले और रैंडम ड्रग टेस्ट करने होते हैं, जिनमें एम्फैटामाइन, कैनबिस, कोकीन, ओपिएट्स, बार्बिटुरेट्स और बेंजोडायजेपाइन जैसे पदार्थ शामिल हैं। सभी पॉजिटिव परिणामों की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर DGCA को देनी होती है।