AIIMS Delhi का बड़ा फैसला: वित्त वर्ष 2026-27 तक 100% हिंदी में होगा कामकाज

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) नई दिल्ली ने अपने आधिकारिक कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। संस्थान ने वित्त वर्ष 2026-27 तक 100% मूल हिंदी संचार (Original Hindi Communication) हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। यह फैसला 24 जून को हुई आधिकारिक भाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में तय किया गया था, और इस पहल से जुड़ा आधिकारिक नोटिस 10 अगस्त 2026 को जारी किया गया था।
इस नए निर्देश के तहत AIIMS नई दिल्ली के सभी विभागों, सेक्शन और सेंटर्स को यह निर्देश दिया गया है कि वे अधिकारियों और कर्मचारियों को फाइलों और ई-ऑफिस टिप्पणियों में ज्यादा से ज्यादा हिंदी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। संस्थान हिंदी प्रशिक्षित कर्मचारियों के इस्तेमाल पर जोर दे रहा है और यह अनिवार्य किया गया है कि हिंदी में मिलने वाले पत्रों के जवाब सिर्फ हिंदी में ही दिए जाएं। इसके अलावा, 'A' और 'B' क्षेत्रों से आने वाले अंग्रेजी पत्रों के जवाब हिंदी या द्विभाषी (Bilingual) फॉर्मेट में देने होंगे।
पिछली पहल और सरकारी लक्ष्य
यह नया कदम जुलाई 2025 के उस निर्देश को आगे बढ़ाता है, जिसे गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के वार्षिक कार्यक्रम के तहत हिंदी का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए जारी किया गया था। मार्च 2025 तक AIIMS में मूल आधिकारिक हिंदी संचार 76.46% था, जो 'A' क्षेत्र के संस्थानों के लिए सरकार के 100% लक्ष्य से कम था। अक्टूबर/नवंबर 2025 में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों को मरीजों (विशेषकर ग्रामीण इलाकों के मरीजों) के साथ संवाद बेहतर बनाने के लिए पर्चियों और दैनिक कार्यों में हिंदी का उपयोग करने का निर्देश दिया था।
मेडिकल किताबें और रिसर्च में हिंदी
संस्थान हिंदी में मेडिकल किताबें खरीदने और हिंदी रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है, हालांकि हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई वैकल्पिक बनी रहेगी।