एम्स दिल्ली के डॉक्टर ने महिलाओं को दिल के दौरे के असामान्य लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी

Kittu Kumari30 September 20262 min read4 viewsNational
एम्स दिल्ली के डॉक्टर ने महिलाओं को दिल के दौरे के असामान्य लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी

एम्स दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉक्टर राजीव नारंग ने महिलाओं से हृदय स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि महिलाओं में दिल के दौरे (हार्ट अटैक) के लक्षण अक्सर पारंपरिक लक्षणों की तुलना में अलग या कम स्पष्ट होते हैं। एएनआई को दिए गए इंटरव्यू में डॉक्टर नारंग ने कहा कि जिन महिलाओं को बिना किसी कारण के बेचैनी या सीने में दर्द महसूस हो, उन्हें समय पर जांच के लिए तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

चिकित्सक विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण असामान्य थकान, नींद में खलल, सांस फूलना, अपच, घबराहट, मितली, चक्कर आना, पसीना आना या जबड़े, गर्दन, पीठ, कंधे और बांह में दर्द के रूप में सामने आ सकते हैं। सितंबर 2026 तक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हृदय संगठनों द्वारा दिल के दौरे की एक नई वैश्विक परिभाषा को अपनाने के बाद से इस तरह के मामलों में चिकित्सीय दृष्टिकोण में काफी बदलाव आया है। इस नए फ्रेमवर्क में महिलाओं के लिए विशेष ट्रोपोनिन थ्रेशोल्ड शामिल किए गए हैं, जिससे पुरुषों पर आधारित पुराने मानकों को बदला गया है जो अक्सर गलत निदान का कारण बनते थे।

महिलाओं को प्रभावित करने वाली खास स्थितियां जैसे कोरोनरी धमनी में ऐंठन, कोरोनरी एम्बोलिज्म और सहज कोरोनरी धमनी विच्छेदन (एससीएडी) को अब प्राथमिक दिल के दौरे के रूप में पुनर्वर्गीकृत किया गया है। डॉक्टर नारंग ने बताया कि रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद जोखिम आमतौर पर बढ़ जाता है, जबकि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अधिक वजन और प्रजनन स्वास्थ्य का इतिहास भी महत्वपूर्ण संकेतक बने रहते हैं। महिलाओं में निदान में देरी से स्थायी हृदय क्षति या मृत्यु का खतरा अधिक होता है, इसलिए ईसीजी और ट्रोपोनिन रक्त परीक्षण जैसे निदान उपकरणों का तुरंत उपयोग करना आवश्यक है। राष्ट्रीय समाचार के तहत इस विषय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment