एम्स के डॉक्टर की चेतावनी: महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण होते हैं अलग, रहना होगा सतर्क

Kittu Kumari30 September 20261 min read6 viewsDelhi Local
एम्स के डॉक्टर की चेतावनी: महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण होते हैं अलग, रहना होगा सतर्क

दिल्ली एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और एचओडी डॉ. राजीव नारंग ने बताया है कि पहले यह माना जाता था कि महिलाओं में दिल के दौरे कम पड़ते हैं, लेकिन अब कम उम्र की महिलाओं में भी हार्ट अटैक की समस्या देखी जा रही है। महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण सामान्य से अलग या कम स्पष्ट होते हैं, इसलिए उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। यदि उन्हें किसी भी प्रकार की बेचैनी या सीने में दर्द महसूस हो, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। डॉ. नारंग ने एएनआई से बातचीत में यह जानकारी दी।

महिलाओं में जोखिम और लक्षण


डॉक्टर ने बताया कि महिलाओं में हृदय रोग का खतरा जीवन के बाद के चरणों में बढ़ता है, यानी मेनोपॉज से पहले यह खतरा कम होता है और बाद में बढ़ जाता है। यदि महिला को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अधिक वजन जैसी अन्य समस्याएं हैं, तो जोखिम और अधिक बढ़ जाता है। हार्ट अटैक से पहले सीने में होने वाले दर्द को प्री-इम्फार्क्शन एनजाइना कहा जाता है। सीने में भारीपन या दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर या नजदीकी इमरजेंसी वार्ड जाना चाहिए।

जरूरी मेडिकल टेस्ट


अस्पताल में दिल के दौरे की जांच के लिए दो मुख्य टेस्ट, ईसीजी और ब्लड टेस्ट किए जाते हैं। ट्रोपोनिन ब्लड टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह प्रोटीन केवल हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाओं में पाया जाता है। दिल की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने पर यह खून में आ जाता है जिससे पॉजिटिव आने पर तुरंत इलाज शुरू करना पड़ता है। इसके अलावा दिल का आकार जांचने के लिए चेस्ट एक्स-रे और दिल की पंपिंग, चैंबर व वाल्व देखने के लिए इकोकार्डियोग्राफी यानी ईसीएचओ टेस्ट किया जाता है।

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