AIIMS दिल्ली के कार्डियोलॉजिस्ट की महिलाओं को सलाह, दिल के दौरे के अलग लक्षणों को पहचानें

AIIMS दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. राजीव नारंग ने महिलाओं से हृदय स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण अक्सर आम लक्षणों से अलग या कम स्पष्ट होते हैं। ANINews की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में यह समस्या असामान्य थकान, नींद में खलल, सांस फूलना, अपच, चिंता, चक्कर आना या जबड़े, गर्दन, पीठ व कंधे में दर्द के रूप में सामने आ सकती है।
ANI को दिए एक इंटरव्यू में, डॉ. नारंग ने जोर देकर कहा कि बिना किसी स्पष्ट कारण के सीने में तकलीफ या दर्द होने पर महिलाओं को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि समय पर जांच हो सके। ANI नेशनल कैटेगरी के अनुसार, सितंबर 2026 से अंतरराष्ट्रीय कार्डियोवैस्कुलर संगठनों द्वारा दिल के दौरे की एक नई वैश्विक परिभाषा को अपनाया गया है। इसके तहत महिलाओं के लिए विशेष ट्रोपोनिन थ्रेशोल्ड तय किए गए हैं, जिससे पुरानी गलतियों और गलत निदान से बचा जा सके।
इसके अलावा, महिलाओं को प्रभावित करने वाली समस्याओं जैसे कोरोनरी धमनी ऐंठन, कोरोनरी एम्बोलिज्म और स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन को अब 'प्राथमिक' दिल का दौरा माना गया है। डॉ. नारंग ने बताया कि मेनोपॉज के बाद जोखिम बढ़ जाता है, जबकि डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर और वजन अधिक होना भी अहम संकेत हैं। समय पर जांच न होने से दिल को स्थायी नुकसान या मौत का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए ईसीजी और ट्रोपोनिन ब्लड टेस्ट जैसी जांच समय पर कराना जरूरी है।