गुरुग्राम में अडानी रियल्टी प्रबंधक युवराज सिंह की हत्या का खुलासा, पूर्व सहकर्मी और साथी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने अडानी रियल्टी कंपनी के मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के मामले का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में युवराज की पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स और उसके लिव-इन पार्टनर संयम सचदेव को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। युवक की गर्दन में दो गोली मारकर हत्या की गई थी और उसके शव को गुरुग्राम के सेक्टर-70 स्थित नाले में फेंक दिया गया था। इस सनसनीखेज वारदात ने सभी को हैरान कर दिया है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
कैसे हुआ लापता और क्या था मामला
दिल्ली के सहिता विहार निवासी युवराज सिंह मनचंदा की इसी साल शादी तय थी। बीती छह सितंबर 2026 को वह अपनी बहन के साथ लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में शादी की खरीदारी करने गए थे। इसके बाद वह लाजपत नगर-2 के के-ब्लाक स्थित गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट पहुंचे। शाम करीब चार बजे युवराज ने बहन से कहा कि गुरुग्राम में उनकी एक मीटिंग है और वह रात करीब 10 बजे तक घर लौट आएंगे, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटे और उनका फोन भी बंद हो गया। पांच दिन तक कोई सुराग नहीं मिलने पर उनकी बहन सिमरन मनचंदा ने 11 सितंबर की शाम लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब युवराज के मोबाइल के सीडीआर और आईपीडीआर रिकॉर्ड खंगाले, तो सामने आया कि उन्होंने अपनी पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स से बातचीत की थी।
उत्तराखंड से हुई गिरफ्तारी और पैसों का विवाद
परिवार ने भी पुलिस को बताया कि युवराज ने गुरुग्राम में आन्या से मिलने जाने की बात कही थी, जिसके बाद पुलिस ने आन्या की तलाश शुरू की। पुलिस की तकनीकी जांच में आन्या के नए नंबर की लोकेशन उत्तराखंड मिली, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने वहां पहुंचकर आन्या और उसके साथी संयम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद होने की बात कबूल की है। विवाद बढ़ने पर युवराज की गर्दन में दो गोली मारी गईं और इसके बाद दोनों ने शव करीब सात घंटे तक क्रेटा कार में रखा और सेक्टर-70 के नाले में फेंककर उत्तराखंड फरार हो गए। डीसीपी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली विनीत कुमार के अनुसार युवती पूछताछ में बार-बार बयान बदल रही है, इसलिए सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है और हथियार बरामद करने के प्रयास जारी हैं।