यौन उत्पीड़न का आरोप: ACP विवेक भगत ने खुद मांगी प्रमोशन पर रोक, महिला पत्रकारों ने लगाया गंभीर आरोप

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी इस समय गंभीर विवादों के घेरे में हैं। कनॉट प्लेस में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर के तौर पर तैनात 2018 बैच के DANIPS अधिकारी एसीपी विवेक भगत ने अपनी पदोन्नति (प्रमोशन) पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। यह कदम उन्होंने तब उठाया जब कुछ महिला पत्रकारों ने उन पर यौन उत्पीड़न के बेहद गंभीर आरोप लगाए।
पूरा मामला 3 अक्टूबर 2026 का है, जब जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन हो रहा था। आरोप है कि इस प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पुलिसकर्मियों का व्यवहार महिला पत्रकारों के साथ बेहद आपत्तिजनक था। तीन महिला पत्रकारों ने शिकायत दर्ज कराई है, जिनमें से एक का आरोप है कि जब वह एक महिला प्रदर्शनकारी की हिरासत की कवरेज कर रही थीं, तब एसीपी विवेक भगत ने उनके साथ शारीरिक बदसलूकी की और उन्हें धक्का दिया। वहीं दो अन्य पत्रकारों ने भी पुलिसकर्मियों द्वारा अनुचित शारीरिक स्पर्श की शिकायत की है।
पत्रकार संगठनों ने की FIR और न्यायिक जांच की मांग
इस घटना के बाद मीडिया जगत में भारी आक्रोश है। इंडियन विमेंस प्रेस कॉर्प्स, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, प्रेस एसोसिएशन और केरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स जैसे पांच बड़े संगठनों ने 8 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को एक ज्ञापन सौंपा। इन संगठनों ने मांग की है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।
दिलचस्प बात यह है कि 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली सरकार ने विवेक भगत समेत 12 DANIPS अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी (Addl DCP) के पद पर प्रमोट करने की मंजूरी दी थी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया अगस्त में ही शुरू हो गई थी और यह एक अस्थायी व्यवस्था थी। लेकिन आरोपों के सामने आने और क्राइम ब्रांच की जांच शुरू होने के बाद, विवेक भगत ने खुद अपनी पदोन्नति रोकने की मांग की, जिसके बाद सरकार ने अपने आदेश में बदलाव किया।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से जांच की जाएगी।
वहीं, इस पूरे विवाद के बीच एक अलग मोड़ तब आया जब दिल्ली पुलिस साइबर सेल ने 24 वर्षीय स्वतंत्र पत्रकार नदीम अहमद अमीन को गिरफ्तार किया। अमीन पर आरोप है कि उन्होंने एसीपी विवेक भगत का एक फर्जी, AI-जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसमें उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था। पुलिस इस मामले की जांच अलग से कर रही है, जबकि यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है।