मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा भारी, दिल्ली पुलिस के ACP मानसवी वशिष्ठ सस्पेंड
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले ACP मानसवी वशिष्ठ को गृह मंत्रालय ने निलंबित किया है। जानें पूरा मामला।

दिल्ली पुलिस में अनुशासनहीनता के चलते एक बड़ी कार्रवाई हुई है। गृह मंत्रालय (MHA) ने ACP मानसवी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर CCS रूल्स, 1965 का उल्लंघन करने और घोर अनुशासनहीनता का आरोप है। यह सख्त कदम तब उठाया गया जब उन्होंने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों के एक प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।
पूरा मामला 2 नवंबर, 2026 को हुआ, जब करीब 100 से 150 पुलिसकर्मी मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हुए थे। यह प्रदर्शन शाहदरा में पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद अधिकारियों के तबादलों के विरोध में था। दरअसल, 23 अक्टूबर, 2026 को शाहदरा पुलिस स्टेशन में एक clash हुआ था, जिसमें वकील ललित बंसल घायल हो गए थे। इस घटना के बाद गांधी नगर के एसडीपीओ (SDPO) ACP मानसवी वशिष्ठ और शाहदरा एसएचओ अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया था। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी इन्हीं तबादलों को रद्द करने की मांग कर रहे थे।
पुलिसकर्मियों की मांगें और कमिश्नर का रुख
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से मुलाकात की और अपनी पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें ACP वशिष्ठ और एसएचओ कुमार को उनके पुराने पदों पर वापस लाने, विवाद में शामिल वकीलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और पुलिस थानों में वकीलों की मौजूदगी को सीमित करने के लिए एक SOP तैयार करने की मांग शामिल थी। साथ ही, कोर्ट में पुलिस सुरक्षा के लिए स्पेशल फोर्स की तैनाती और प्रदर्शन करने वाले कर्मियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन मांगा गया था।
कमिश्नर अनुराग कुमार ने इन चिंताओं को सुना और पुलिस व बार एसोसिएशन के बीच एक संयुक्त समन्वय समिति (Joint Coordination Committee) बनाने का प्रस्ताव दिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद विभाग ने ACP वशिष्ठ पर निलंबन की गाज गिरा दी।
अपनी सस्पेंशन पर प्रतिक्रिया देते हुए ACP मानसवी वशिष्ठ ने कहा, "मैं इससे टूटा नहीं हूं, बल्कि और मजबूत हुआ हूं। यह एक विभागीय कार्रवाई है। मुझे पूरा भरोसा है कि सिस्टम निष्पक्ष जांच करेगा और न्याय मिलेगा। देश का कानून सर्वोपरि रहेगा।"