ABVP ने लाल किले पर वंदे मातरम के पूर्ण पाठ और युवाओं के लिए सरकारी योजनाओं की सराहना की

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' के पूर्ण पाठ को एक ऐतिहासिक और गर्व का अवसर बताया है। संगठन ने राष्ट्रगीत को मिली वैधानिक सुरक्षा का स्वागत किया और स्वतंत्रता संग्राम के समय से इसके महत्व को रेखांकित किया। इसमें रबींद्रनाथ टैगोर, सरला देवी चौधरानी और विभिन्न क्रांतिकारियों जैसे महान व्यक्तित्वों का हवाला दिया गया जिन्होंने इससे प्रेरणा प्राप्त की थी।
* ABVP ने लाल किले पर वंदे मातरम के पूर्ण पाठ की सराहना की
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवा-केंद्रित घोषणाओं का स्वागत
* कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के पाठ में बाधा डालने के प्रयासों की निंदा
युवाओं के लिए घोषणाओं की सराहना
ABVP ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्रता दिवस घोषणाओं की सराहना की, जिसमें विशेष रूप से युवा सशक्तिकरण की पहलों पर प्रकाश डाला गया। इन पहलों में एक करोड़ छात्रों के लिए AI स्किल ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, देशव्यापी खेल प्रतिभा पहचान और सेमीकंडक्टर निर्माण का विस्तार शामिल है। ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि 2047 तक एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए परमाणु ऊर्जा क्षमता और नागरिक सुरक्षा नेटवर्क के लक्ष्यों के साथ ये उपाय बहुत महत्वपूर्ण हैं।
वंदे मातरम के पाठ में बाधा की निंदा
इसके अतिरिक्त, ABVP ने कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के पूर्ण पाठ को बाधित करने के कथित प्रयासों की निंदा की। संगठन ने इसे स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत का अपमान करार दिया। संगठन ने देश के युवाओं से राष्ट्र सेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने और नवाचार तथा कड़ी मेहनत के माध्यम से एक विकसित भारत के विजन में योगदान देने का आह्वान किया है।