ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन: परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का फूटा गुस्सा

Kittu Kumari9 August 20262 min read28 viewsNational
ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन: परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का फूटा गुस्सा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन तेज कर दिया है। छात्र संगठन झारखंड, कर्नाटक, पंजाब और बिहार समेत विभिन्न राज्यों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधारों की मांग कर रहा है। ABVP का जोर है कि हर मेधावी छात्र के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना सरकारों और परीक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है, क्योंकि कई राज्यों में लगातार गड़बड़ियों से छात्रों का भरोसा कम हुआ है।

पंजाब और कर्नाटक में प्रदर्शन

पंजाब में विधानसभा घेराव के दौरान पेपर लीक और भर्ती गड़बड़ियों का विरोध कर रहे ABVP कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिससे कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। ABVP ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया और पंजाब सरकार पर प्रशासनिक असंवेदनशीलता का आरोप लगाया। साथ ही, कर्नाटक के हुबली में KPSC मामले की CBI जांच, भर्ती गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और खाली टीचिंग पदों पर तुरंत नियुक्तियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए।

अन्य राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन

अन्य राज्यों में भी ऐसे ही प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बिहार में पटना यूनिवर्सिटी के Law Entrance Exam-2026 के कथित पेपर लीक की उच्च स्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग उठाई गई। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने आक्रोश मार्च निकाला और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा व्यापक सुधारों की मांग की। इसके अलावा तेलंगाना के वारंगल में बकाया फीस रिइंबर्समेंट और स्कॉलरशिप भुगतान, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी और मध्य प्रदेश में प्रस्तावित प्राइवेट यूनिवर्सिटी अमेंडमेंट बिल-2026 के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री का बयान

ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का मुद्दा कुछ ही राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश भर के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सरकारों ने बातचीत के बजाय दमनकारी उपायों से शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का जवाब दिया है। सोलंकी ने पुष्टि की कि छात्र न्याय, एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, जवाबदेह संस्थागत तंत्र और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए ABVP का लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

Share:

Comments

Leave a comment