अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कांग्रेस और एनएसयूआई पर लगाया छात्रों के आवास मुद्दों का राजनीतिकरण करने का गंभीर आरोप

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी ने कांग्रेस पार्टी और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी एनएसयूआई पर तीखा हमला बोला है। यह हमला सत्य निकेतन की हालिया घटना और 10,000 छात्रों की क्षमता वाले एक नए हॉस्टल प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा को लेकर किया गया है। एबीवीपी का आरोप है कि कांग्रेस और एनएसयूआई वास्तविक समाधान खोजने के बजाय छात्र की शिकायतों को राजनीतिक मुद्दों के रूप में जीवित रखने में अधिक रुचि रखते हैं। एबीवीपी के दिल्ली प्रदेश सचिव सार्थक शर्मा ने विपक्षी दलों की आलोचना की है।
सार्थक शर्मा ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना के बाद से कांग्रेस और एनएसयूआई राजनीतिक ड्रामेबाजी कर रहे हैं। इसमें मलबे पर सोशल मीडिया रील बनाने से लेकर हॉस्टल निर्माण की हालिया घोषणा पर सवाल उठाना शामिल है। शर्मा ने दावा किया कि ये संगठन पहले हॉस्टल की कमी का राजनीतिकरण करते थे और अब सरकार के जवाब देने के बाद निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
शर्मा ने मांग की है कि कांग्रेस और एनएसयूआई को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे वास्तव में छात्र समस्याओं का समाधान चाहते हैं या केवल इसे राजनीतिक हथियार बनाना चाहते हैं। उन्होंने इन संगठनों को दिल्ली में कांग्रेस के 50 साल के शासन पर विचार करने की चुनौती दी और पूछा कि सुरक्षित आवास प्रदान करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
शर्मा के अनुसार एबीवीपी लंबे समय से सुरक्षित और किफायती रहने की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए हॉस्टलों की संख्या बढ़ाने की वकालत कर रही है। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि छात्र आवास के महत्वपूर्ण मुद्दे को राजनीतिक एजेंडे के लिए उपयोग करने के बजाय वास्तविक जरूरतों के आधार पर हल किया जाना चाहिए।