अभिषेक शर्मा के तूफानी शतक से भारत ने अफ़ग़ानिस्तान को हराया, अय्यर ने की तारीफ

नयी दिल्ली। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने अभिषेक शर्मा के रिकॉर्ड-तोड़ शतक की जमकर तारीफ की है। अभिषेक शर्मा के विस्फोटक खेल की बदौलत भारत ने अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम टी20 मैच में अफ़ग़ानिस्तान को 127 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने 3-0 से सीरीज पर कब्जा कर लिया। मैच के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान अय्यर ने कहा कि अभिषेक ने आज जिस तरह से बल्लेबाजी की, वह बिल्कुल शानदार और आंखों को सुकून देने वाली थी। मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में सात विकेट पर 221 रन बनाए। अभिषेक ने सिर्फ 34 गेंदों पर 108 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें रिकॉर्ड 31 गेंदों में शतक भी शामिल था। बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया। इसके जवाब में अफ़ग़ानिस्तान की टीम 14.1 ओवर में सिर्फ 94 रनों पर ढेर हो गई। भारत की तरफ से रवि बिश्नोई और नीतीश कुमार रेड्डी ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों के लिहाज से अफ़ग़ानिस्तान की यह सबसे बड़ी हार है और भारत के खिलाफ इस फॉर्मेट में उनका यह सबसे कम स्कोर भी है। मैच के बाद कप्तान अय्यर ने टॉस और बल्लेबाजी को लेकर भी बात की। कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान के साथ बातचीत के बाद उन्हें पहले बल्लेबाजी करने का अनुमान था। अय्यर ने कहा कि शुरुआत शानदार रही और बीच के ओवरों में तेजी से रन बनाकर स्कोर को 220 तक पहुंचाना सराहनीय था। अभिषेक की इस रिकॉर्ड पारी में 9 चौके और 11 छक्के शामिल रहे। उन्होंने 16 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की और फिर 31 गेंदों में टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा शतक जड़ा। इसके साथ ही उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 2017 में बनाए गए रोहित शर्मा के 35 गेंदों में सबसे तेज शतकीय भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। पुरस्कार लेने के बाद अभिषेक ने बताया कि आगामी विश्व कप से पहले टीम का मुख्य फोकस आक्रामक रुख बनाए रखना है। अभिषेक शर्मा ने कहा कि टीम पिछले दो साल से ऐसा कर रही है और एक-दो खराब सीरीज से उनके बल्लेबाजी विभाग की पहचान तय नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वे विश्व कप से पहले पूरे साल विरोधी टीम की परवाह किए बिना मैदान पर दबदबा बनाना चाहते थे। अभिषेक ने टीम के भीतर एकता और एक-दूसरे के समर्थन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर सीरीज से पहले उनकी तैयारी और योजनाएं काफी खास होती हैं, जिसमें वह यह देखते हैं कि विरोधी टीम के गेंदबाज कौन हैं और पावरप्ले का इस्तेमाल कैसे करना है। अभिषेक ने कप्तान और कोच का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें खुलकर खेलने का पूरा भरोसा और स्वतंत्रता दी। उन्होंने कहा कि कप्तान और कोच का साथ होना बहुत जरूरी है ताकि खिलाड़ी बिना किसी दबाव के सिर्फ गेंद को देखे और अपनी शैली के अनुसार खेले। कप्तान अय्यर ने अक्षर पटेल की गेंदबाजी की भी जमकर सराहना की। अक्षर पटेल ने पारी के चौथे ओवर में रहमानुल्लाह गुरबाज़ और सिद्दीकुल्लाह अटल को आउट कर लगातार दो झटके दिए। अय्यर ने कहा कि अक्षर के पास भारी अनुभव है और वह जानते हैं कि गंभीर स्थिति में टीम के लिए कैसे प्रदर्शन करना है। उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और वह खेल के बारे में बहुत सोचते हैं। अंत में अभिषेक ने कहा कि टीम में खिलाड़ियों का समर्थन करने वाली संस्कृति विकसित हो चुकी है, जिससे उन्हें क्रीज पर खुलकर खेलने में मदद मिली है।