जंतर मंतर प्रदर्शन मामला: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजित दिपके दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा

दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजित दिपके को रिहा कर दिया है। अभिजित दिपके को 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिया गया था, क्योंकि उनकी पार्टी के पास जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की जरूरी अनुमति नहीं थी। एक दिन की हिरासत के बाद 11 अक्टूबर को उन्हें छोड़ दिया गया।
रिहाई के बाद अभिजित दिपके का अंदाज काफी आक्रामक रहा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने किसी भी तरह के बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और वह कानूनी कार्रवाई से बिल्कुल नहीं डरते। दिपके ने यहाँ तक कह दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो वह 100 बार जेल जाने को तैयार हैं।
सरकार पर साधा निशाना, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को दी चेतावनी
अपने घर लौटने के बाद अभिजित दिपके ने इस पूरी घटना को भारत के लिए एक 'शर्मनाक अध्याय' करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखे हमले किए। दिपके ने प्रधानमंत्री को 'कायर' बताते हुए आलोचना की और अमित शाह को चेतावनी दी कि वह 20 जुलाई जैसी गलतियां दोबारा न दोहराएं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी न तो पीछे हटेगी और न ही डरेगी। उनके मुताबिक, 10 अक्टूबर की घटना उस 'तानाशाही' के अंत की शुरुआत है, जिसके खिलाफ वह लड़ रहे हैं।
इस पूरे हंगामे के दौरान दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रदर्शन से जुड़े 20 से ज्यादा FIR दर्ज किए हैं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर शारीरिक हमले भी किए गए। वहीं, अभिजित दिपके ने पुलिस की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी दादी की मौत को लेकर किए गए बयानों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पार्टी के अन्य पदाधिकारी आशुतोष रंका और सौरभ शादी भी उनके साथ नजर आए।