'लेहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को लिया हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब वह कनॉट प्लेस पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रानी झांसी रोड से पकड़ा। दरअसल, अभिजीत दिपके कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे 'लेहरा दो तिरंगा' नामक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने वाले थे, जिसके लिए उन्हें पुलिस की ओर से पहले ही चेतावनी नोटिस दिया गया था।
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना था। साथ ही, CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी का विरोध भी किया जाना था। इस प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) का समर्थन भी प्राप्त था।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पाबंदियां
प्रदर्शन को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली पुलिस की डीसीपी और पीआरओ नेहा यादव ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत सभा में शामिल न हों, क्योंकि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी।
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। करीब 6,000 पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 220 कंपनियां तैनात की गई हैं। प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए एनडीएमसी (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क को आम जनता के लिए बंद कर दिया है। इसके अलावा, कनॉट प्लेस के आसपास के 21 प्रमुख रूटों पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने इस विरोध प्रदर्शन पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था, हालांकि कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के उस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया जिसमें पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित और प्रबंधित करने की बात कही थी।