‘हमें वैसा नहीं बनना है जैसा हम नफरत करते हैं’: सौराभ और आशुतोष की गिरफ्तारी के बाद अभिजीत दिपके की अपील

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से एक भावुक अपील की है कि वे सौराभ दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी के बाद शांत रहें। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 'सभी कॉकरोच के लिए संदेश' कैप्शन के साथ एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांति, प्रेम और करुणा के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
अभिजीत दिपके ने वीडियो में कहा कि साथियों की हिरासत ने सभी को परेशान किया है, लेकिन इस अन्याय का जवाब नफरत से नहीं देना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि विरोधियों की कोशिश हमें उकसाने की होती है ताकि हम भी उनके जैसा व्यवहार करें और नफरत का रास्ता अपनाएं, लेकिन हमें अपनी विचारधारा पर अडिग रहना है। उन्होंने समर्थकों को अपने परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताने की सलाह दी ताकि वे मानसिक रूप से मजबूत रह सकें।
सौराभ दास के जज्बे और संघर्ष की कहानी
दिपके ने सौराभ दास की मजबूती का जिक्र करते हुए बताया कि जब उन्होंने सौराभ की मां से बात की, तो उन्होंने खुद को मजबूत दिखाते हुए पूरी टीम का ख्याल रखने को कहा। अभिजीत ने कहा, "सौराभ एक फाइटर है। वह जेल में पांच-छह दिन बिताने के बाद जब बाहर आया, तो उसके चेहरे पर मुस्कान थी। उसे कोई तोड़ नहीं सकता।"
उन्होंने जंतर मंतर के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे लोग सौराभ का मजाक उड़ाते थे कि वह बहुत 'प्रिविलेज्ड' है, विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी कोल्ड कॉफी पीता है और जेल में एक दिन भी नहीं टिक पाएगा। लेकिन सौराभ ने जेल की कठिन परिस्थितियों का सामना कर उन सभी धारणाओं को गलत साबित कर दिया।
अभिजीत ने यह भी स्वीकार किया कि आंदोलन को आगे ले जाने में आशुतोष रंका और सौराभ दास की मुख्य भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि बाहर से भले ही वह लीडर दिखें, लेकिन असल में वह आशुतोष और सौराभ के निर्देशों का पालन कर रहे थे क्योंकि उनकी निर्णय लेने की क्षमता कहीं अधिक बेहतर है। इसी बीच, उन्होंने आशुतोष रंका के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी हिरासत के दौरान उनके चाचा का निधन हो गया और वह अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके।