'हम फिर सड़कों पर उतरेंगे', हिरासत से छूटने के बाद बोले कार्यकर्ता अभिजीत दिपके

दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए हंगामे और पुलिसिया कार्रवाई के बाद अब विरोध प्रदर्शन फिर से तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने साफ कर दिया है कि न तो राजनीतिक दबाव और न ही कोई व्यक्तिगत दुख उन्हें अपने आंदोलन से पीछे हटने पर मजबूर करेगा। हिरासत से रिहा होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऐलान किया कि वे एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे।
अभिजीत दिपके ने अपनी पोस्ट में दो टूक शब्दों में कहा, "हमने ऐसा कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है जिसमें लिखा हो कि हम विरोध नहीं करेंगे। हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे।" उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब वे अपनी दादी, सावित्रीबाई शंकरराव दिपके के निधन के कारण शोक में हैं। दिपके अपनी दादी के निधन के बाद महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिम्परी गांव जा रहे हैं, जहां उनकी दादी लंबे समय से बीमार थीं।
जंतर मंतर पर भारी बवाल और गिरफ्तारियां
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के नेतृत्व में जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और पुलिस ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई में अरविंद केजरीवाल, पिनाराई विजयन और ममता बनर्जी जैसे दिग्गज विपक्षी नेता भी शामिल थे। कुल मिलाकर करीब 1,000 लोगों को डिटेन किया गया था।
CJP के कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद रिहा किया गया है। हालांकि, यह रिहाई एक शर्त के साथ हुई है कि वे एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे और कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे।
रिहाई के बाद दिपके ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि 10 अक्टूबर का दिन "तानाशाही के अंत की शुरुआत" के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि CJP न तो पीछे हटेगी और न ही किसी के दबाव में आएगी।