मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत डिपके ने लगाए गंभीर आरोप

नयी दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में 13 करोड़ से अधिक वोट हटाए गए हैं और सवाल उठाया कि क्या यह कार्रवाई लोकतंत्र के अनुकूल है। डिपके ने आरोप लगाया कि जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त बने हैं, तब से सरकार यह तय कर रही है कि किसे वोट देने का अधिकार है और किसे नहीं। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 13 करोड़ से अधिक वोट हटाए गए हैं जो कुल वोटों का लगभग 13 से 14 प्रतिशत है।
डिपके ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या यह कथित विलोपन विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच के 2 प्रतिशत के अंतर को बढ़ाने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि क्या ज्ञानेश कुमार जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं ताकि वे कभी सत्ता न खोएं। उन्होंने दावा किया कि 2024 के चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने में विफल रहने के बाद क्षेत्रीय राजनीतिक नेताओं को एक-एक करके निशाना बनाया गया और हराया गया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र से 50,000 वोट, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के निर्वाचन क्षेत्र से 1,00,000 वोट और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र से 40,000 वोट हटाए गए।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र से 50,000 वोट हटाए गए और वह करीब 15,000 वोटों के अंतर से हारीं। एमके स्टालिन के निर्वाचन क्षेत्र से 1,00,000 वोट हटाए गए और वह लगभग 45,000 वोटों से हारे। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र से 40,000 वोट हटाए गए और वह 4000 से 5000 वोटों के अंतर से हारे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केरल में वोटों के विलोपन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को जीतने से रोका। डिपके ने कहा कि यह महज एक संयोग नहीं हो सकता क्योंकि इसमें एक स्पष्ट पैटर्न है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मजबूत विपक्षी हस्तियों को खत्म करना इस कथित अभ्यास का उद्देश्य था और पूछा कि क्या कोई चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष माना जा सकता है यदि पूरे विपक्ष को मिटा दिया जाए।