‘न डरेंगे और न झुकेंगे’: CJP के अभिजीत दिप्के ने गिरफ्तारी के बाद ली कानूनी लड़ाई की शपथ

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिप्के ने साफ कर दिया है कि वह और उनके साथी किसी भी दबाव में नहीं आने वाले हैं। दिल्ली में हुई हालिया गिरफ्तारियों और हिरासत को 'अवैध' बताते हुए दिप्के ने कहा कि वे अपनी लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह और उनकी टीम इस लंबी कानूनी जंग के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रशासन की कोशिशें उन्हें डरा नहीं पाएंगी।
दिप्के ने बताया कि वह जल्द ही अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने साथियों सौरव दास और आशुतोष रंका की वापसी का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा। इस बीच, कानूनी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए वह वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर से मिलने जा रहे हैं।
कनॉट प्लेस रैली और पुलिस कार्रवाई
यह पूरा विवाद दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित 'लेहरा दो तिरंगा' रैली से शुरू हुआ। शुक्रवार को जब दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत मध्य दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाई, तब अभिजीत दिप्के को हिरासत में ले लिया गया। उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई (preventive proceeding) शुरू की गई।
शनिवार को दिप्के को सशर्त जमानत मिली और एक शांति बॉन्ड (peace bond) पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें रिहा किया गया। इस बीच, CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने इस गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि तिरंगा फहराने की अपील करना कोई अपराध नहीं है और पुलिस ने निवारक हिरासत की आड़ में गैरकानूनी कदम उठाए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद दिप्के के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनके वकीलों को उनसे मिलने नहीं दिया गया।
बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्षी दलों और कार्यकर्ताओं के एक बड़े अभियान का हिस्सा है। इस मुहिम को DMK, TMC और AAP जैसी पार्टियों का समर्थन मिल रहा है। DMK सांसद कनिमोझी ने भी इस मामले में CJP के प्रति अपना समर्थन जताया है और चेन्नई में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।